डॉ. अजय कुमार ने झारखंड में अधूरे वादों को लेकर मोदी से सवाल किया
कांग्रेस नेता ने सरना कोड की उपेक्षा और गलत सूचना फैलाने के लिए प्रधानमंत्री की आलोचना की
प्रमुख बिंदु:
• मोदी पर सरना धर्म कोड की घोषणा न करके आदिवासियों को धोखा देने का आरोप
• कांग्रेस ने झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों के बारे में प्रधानमंत्री के दावे का खंडन किया
• डॉ. अजय कुमार ने विपक्ष के खिलाफ भाजपा के भ्रष्टाचार के आरोपों को चुनौती दी
जमशेदपुर – पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार ने जमशेदपुर रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आदिवासी हितों की उपेक्षा करने और गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया।
कुमार ने सरना धर्म कोड लागू करने की घोषणा करने में मोदी की विफलता की आलोचना की।
इस निर्णय से आदिवासी समुदाय निराश हो गया, जिसे रैली से बड़ी उम्मीदें थीं।
एक स्थानीय आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता ने कहा, “भाजपा का आदिवासी सहानुभूति का मुखौटा ढह गया है।”
कांग्रेस नेता ने बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करने के मोदी के दावे पर सवाल उठाया।
उन्होंने गृह मंत्रालय के हलफनामे का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि इस तरह की भूमि जब्ती का कोई डेटा मौजूद नहीं है।
कुमार ने प्रधानमंत्री पर आदिवासियों और मुसलमानों के बीच तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मोदी को निराधार दुष्प्रचार फैलाने के लिए माफी मांगनी चाहिए।
पूर्व सांसद ने भाजपा द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि झारखंड के गठन के बाद से भाजपा ने 14 वर्षों तक राज्य पर शासन किया है।
कुमार ने भाजपा काल के घोटालों को देखते हुए भ्रष्टाचार पर बोलने के मोदी के अधिकार पर सवाल उठाया।
डॉ. अजय कुमार ने कहा, “मोदी का भ्रष्टाचार विरोधी रुख उनकी पार्टी के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए खोखला लगता है।”
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री द्वारा किये गये अधूरे वादों पर प्रकाश डाला।
इनमें प्रतिवर्ष दो करोड़ नौकरियां सृजित करने तथा भारतीयों के खातों में 15 लाख रुपए जमा कराने का वादा शामिल था।
कुमार का बयान झारखंड में केंद्र सरकार की नीतियों के प्रति बढ़ते असंतोष को दर्शाता है।
यह आलोचना जनजातीय कल्याण और विकास के मुद्दों से जुड़े राजनीतिक तनाव को रेखांकित करती है।
