मुख्यमंत्री ने जेल जाने के संकेत दिए, बाधाओं के बावजूद झारखंड को मजबूत बनाने का संकल्प लिया
प्रमुख बिंदु:
• सोरेन ने गुआ गोलीबारी के शहीदों को श्रद्धांजलि दी, जनजातीय दृढ़ता की सराहना की
• सीएम ने साजिश का आरोप लगाया, 1.36 लाख करोड़ रुपये की कोयला रॉयल्टी बकाया होने का दावा किया
• सरकार ने परिवारों को सालाना 1 लाख रुपये की सहायता देने की योजना बनाई, 96 योजनाएं शुरू कीं
जमशेदपुर – मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में शहीदों को सम्मानित करते हुए आदिवासी लचीलेपन पर जोर दिया और राजनीतिक चुनौतियों का संकेत दिया।
सोरेन ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक कार्यक्रम में गुआ गोलीबारी मामले के आदिवासी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने विपरीत परिस्थितियों का सामना करने में आदिवासियों की अटूट भावना पर प्रकाश डाला।
सोरेन ने कहा, “आदिवासी नायक हमें झारखंड को नई दिशा में ले जाने के लिए प्रेरित करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने जेल में बिताए गए अपने समय का जिक्र करते हुए जनजातीय दृढ़ संकल्प पर जोर दिया।
उन्होंने दावा किया कि आदिवासी संघर्ष से मजबूत होते हैं, कमजोर नहीं।
सोरेन ने झारखंड के निर्माण को आदिवासी दृढ़ता का उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर उन्हें और उनके परिवार को जेल में डालने की साजिश की जा रही है।
उन्होंने जनवरी में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अपनी गिरफ्तारी और उसके बाद जमानत पर रिहा होने का उल्लेख किया।
सोरेन ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी के मुद्दे पर बात की।
उन्होंने गरीबों को सशक्त बनाने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से सरकारी योजनाओं का उल्लेख किया।
एक स्थानीय अधिकारी ने बताया, “हमारी योजना प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष एक लाख रुपये देने की है।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र पर झारखंड का 1.36 लाख करोड़ रुपये का कोयला रॉयल्टी बकाया है।
सोरेन ने कहा कि यह धनराशि राज्य की दशा और दिशा बदल सकती है।
कार्यक्रम के दौरान 201.83 करोड़ रुपये की 96 योजनाओं का उद्घाटन किया गया।
