जेएससीए एजीएम विवाद के बीच धोनी की सदस्यता चर्चा में
क्रिकेट संस्था की बैठक से पहले नए सदस्यों की चयन प्रक्रिया पर बहस छिड़ी
प्रमुख बिंदु:
• जेएससीए अध्यक्ष को नए सदस्य चयन प्रक्रिया को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा
• एजीएम में अनुपस्थिति नियम के कारण धोनी की सदस्यता पर सवाल
• स्थानीय क्लबों ने प्रबंधन पर सदस्यों की नियुक्तियों में योग्यता को दरकिनार करने का आरोप लगाया
जमशेदपुर – झारखंड राज्य क्रिकेट संघ की आगामी वार्षिक आम बैठक में सदस्यों के चयन और क्रिकेट आइकन महेंद्र सिंह धोनी की स्थिति से जुड़े विवादास्पद मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
रविवार को होटल वेव इंटरनेशनल में होने वाली वार्षिक आम बैठक में अध्यक्ष संजय सहाय की जांच की संभावना है।
समिति के सदस्यों को दो-दो नये सदस्य नियुक्त करने की अनुमति देने के विवादास्पद निर्णय ने गरमागरम बहस छेड़ दी है।
राज्य के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ियों और 24 स्थानीय क्लबों के अधिकारियों ने इस कदम का विरोध किया है।
आलोचकों का तर्क है कि यह निर्णय आगामी चुनावों को प्रभावित करने के लिए एक सामरिक चाल है।
उनका दावा है कि चयन प्रक्रिया में योग्यता और समर्पण को नजरअंदाज किया जाता है, जिससे क्रिकेट में बाहरी लोगों के प्रवेश की संभावना बढ़ जाती है।
इस बीच, धोनी की सदस्यता की स्थिति को लेकर अटकलों ने चल रहे विवाद को और तेज कर दिया है।
जेएससीए के नियमों के अनुसार लगातार पांच वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में अनुपस्थित रहने पर सदस्य का दर्जा रद्द किया जा सकता है।
पिछली पांच बैठकों में धोनी की अनुपस्थिति से उनकी सदस्यता पर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, जेएससीए के कुछ अधिकारियों का कहना है कि धोनी को उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के कारण रियायत मिल सकती है।
अध्यक्ष सहाय के खिलाफ पहले ही शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे बैठक को लेकर तनाव और बढ़ गया है।
उम्मीद है कि वार्षिक आम बैठक में इन मुद्दों पर विचार किया जाएगा तथा सम्भवतः एसोसिएशन की भावी दिशा को आकार दिया जाएगा।
