केंद्रीय मंत्रिमंडल ने झारखंड में 2,179 करोड़ रुपये की तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी
नई रेलवे लाइन से झारखंड और पश्चिम बंगाल में कनेक्टिविटी बढ़ेगी और क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क में वृद्धि होगी।
121 किलोमीटर लंबी रेल लाइन से जमशेदपुर से आसनसोल तक संपर्क बढ़ेगा, रोजगार सृजन होगा और CO2 उत्सर्जन में कमी आएगी।
जमशेदपुर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जमशेदपुर (गम्हरिया) से चांडिल, कांड्रा, पुरुलिया, अनारा, बर्नपुर होते हुए आसनसोल तक 121 किलोमीटर लंबी तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
इस परियोजना की लागत 2,179 करोड़ रुपये है।
नई लाइन से झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेलवे नेटवर्क मजबूत होगा।
इस रेल परियोजना से दिल्ली-हावड़ा और हावड़ा-मुंबई लाइनों सहित महत्वपूर्ण मार्गों पर सम्पर्क बढ़ेगा।
इस नए बुनियादी ढांचे के लिए बजट आवंटन राज्य भर में रेल नेटवर्क का विस्तार करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
इस क्षेत्र को मैथन बांध जैसे पर्यटन स्थलों और कल्याणेश्वरी मंदिर जैसे तीर्थस्थलों तक बेहतर पहुंच से लाभ होगा।
इस परियोजना से निर्माण चरण के दौरान 42 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
परियोजना विवरण और पर्यावरणीय लाभ
यह रेल लाइन झारखंड के पूर्वी सिंहभूम सहित कई जिलों से होकर गुजरेगी और इसमें चांडिल और निमडीह में दो नए स्टेशन भी शामिल होंगे।
बुनियादी ढांचे में 18 बड़े पुल और 142 छोटे पुल शामिल हैं।
यह दामोदर और कोस्सये जैसी प्रमुख नदियों को पार करेगा।
रेखा के लिए वक्रों के लिए क्षतिपूर्ति करते हुए 100 में 1 का शासकीय ढाल बनाए रखा जाता है।
इस परियोजना में 54 रेल फ्लाईओवर और अंडरब्रिज का निर्माण भी शामिल है।
अनुमानतः 74 करोड़ किलोग्राम CO2 उत्सर्जन की बचत होगी, जो तीन करोड़ पेड़ों के कार्बन अवशोषण के बराबर है।
रेलवे लाइन का निर्माण पांच वर्षों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के परिवहन बुनियादी ढांचे को काफी बढ़ावा मिलेगा।
नई लाइन से यात्री और माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
