घाटशिला कॉलेज में पारंपरिक आदिवासी नृत्य कार्यशाला का समापन
पांच दिवसीय कार्यक्रम में आकर्षक प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रशंसा का प्रदर्शन किया जाएगा।
घाटशिला कॉलेज में संताली विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय पारंपरिक आदिवासी नृत्य एवं संगीत कार्यशाला शुक्रवार को भव्य समारोह के साथ संपन्न हुई।
घाटशिला – घाटशिला महाविद्यालय में संताली विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय पारंपरिक आदिवासी नृत्य एवं संगीत कार्यशाला शुक्रवार को रंगारंग समारोह के साथ संपन्न हो गयी।
प्राचार्य डॉ. आरके चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में घाटशिला अनुमंडल पदाधिकारी सचिदानंद महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
डॉ. आरके चौधरी का स्वागत एसडीओ सच्चिदानंद महतो को गुलदस्ता और पारंपरिक वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
आदिवासी संगीत वाद्ययंत्रों जैसे मांदल, नगाड़ा, बनम, तिरियो, घंटी और अन्य वाद्ययंत्रों पर प्रशिक्षित छात्रों ने मनमोहक प्रदर्शन किया, जिससे सभी उपस्थित लोग प्रभावित हुए।
प्रशिक्षक बाबूलाल बोयपाई, नुनारुम मुर्मू, काशीनाथ सोरेन, शीतल हेम्ब्रम और अन्य को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
पचास विद्यार्थियों को उनकी भागीदारी के लिए पदक प्रदान किये गये।
मुख्य अतिथि सचिदानंद महतो ने आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में कॉलेज के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने आदिवासी परंपराओं की रक्षा के महत्व पर जोर दिया और इस क्षेत्र में प्राचार्य डॉ. आरके चौधरी के सराहनीय कार्य की सराहना की।
प्राचार्य डॉ. आरके चौधरी ने विद्यालय के सहयोग को स्वीकार किया। टाटा इस्पात फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. एस.पी. शर्मा ने कार्यक्रम के आयोजन में प्रोफेसर माणिक मार्डी और बसंती मार्डी के योगदान पर प्रकाश डाला।
समारोह में विधायक प्रतिनिधि जगदीश भगत, कान्हू सामंत, डॉ एसके सिंह, डॉ डीसी राम, प्रोफेसर इंदल पासवान, डॉ संदीप चंद्रा, प्रोफेसर महेश्वर प्रमाणिक, डॉ एसपी सिंह, डॉ कुमार विशाल, प्रोफेसर विकास मुंडा, प्रोफेसर अर्चना सुरीन, डॉ संजेश तिवारी समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
