डीसी अनन्या मित्तल ने एनजीटी दिशानिर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की
जमशेदपुर के डीसी ने इको-सेंसिटिव जोन में अवैध निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए
डीसी अनन्या मित्तल ने एनजीटी के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
जमशेदपुर – डीसी अनन्या मित्तल ने एक बैठक में जिला अधिकारियों को इको सेंसिटिव जोन में अवैध निर्माण के संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने का निर्देश दिया।
बैठक में दलमा वन्यजीव अभयारण्य के पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्र में अवैध निर्माण और स्वर्णरेखा नदी के किनारे अतिक्रमण सहित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई।
डीसी मित्तल ने पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इन क्षेत्रों के संरक्षण के महत्व पर बल दिया तथा अधिकारियों को उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में भाग लेने वाले एक अधिकारी ने कहा, “एनजीटी के दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना हमारे प्राकृतिक आवासों को संरक्षित करने तथा पर्यावरण को और अधिक नुकसान पहुंचने से रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।”
अधिकारियों को दलमा वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में अनधिकृत निर्माणों की पहचान करने और उन्हें रोकने के लिए गहन निरीक्षण करने का काम सौंपा गया था।
इसके अतिरिक्त, उन्हें स्वर्णरेखा नदी के किनारे अतिक्रमण को दूर करने का निर्देश दिया गया, जो नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।
पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने तथा आगे उल्लंघन को रोकने के लिए नियमित निगरानी और प्रवर्तन उपायों को आवश्यक कदम बताया गया।
डीसी के निर्देशों का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जिले की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन उपायों से पारिस्थितिकी दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तथा दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सूत्रों ने बताया कि जिला प्रशासन का सक्रिय दृष्टिकोण पर्यावरण नियमों को बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
