जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल ने ऐप-आधारित पंजीकरण प्रणाली शुरू की
नई आभा ऐप पहल का उद्देश्य प्रतीक्षा समय को कम करना और रोगी प्रसंस्करण को सुव्यवस्थित करना है
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल ने कतारों को कम करने और रोगी अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता ऐप का उपयोग करके क्यूआर कोड-आधारित पंजीकरण प्रणाली शुरू की है।
जमशेदपुर – एमजीएम अस्पताल ने आभा मोबाइल ऐप का उपयोग करते हुए एक नई रोगी पंजीकरण प्रणाली शुरू की है, जिसका उद्देश्य ओपीडी काउंटरों पर प्रतीक्षा समय को काफी कम करना है।
आसान पहुंच के लिए अस्पताल के भीतर तीन रणनीतिक स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं।
इस पहल की देखरेख कर रहे परियोजना प्रबंधक सोरेन संदीप ने बताया, “यह प्रणाली मरीजों को अपने स्मार्टफोन से पंजीकरण करने की सुविधा देती है, जिससे लंबी कतारों की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।”
ऐप-आधारित पंजीकरण प्रक्रिया में क्यूआर कोड को स्कैन करना, ओटीपी के माध्यम से पुष्टि करना और तुरंत ओपीडी काउंटर के कंप्यूटर पर मरीज की जानकारी भेजना शामिल है।
ऐप का उपयोग करने वाले मरीजों को पंजीकरण पर्ची प्राप्त करने से पहले काउंटर पर केवल अपना ओटीपी और बीमारी का विवरण देना होगा।
सोरेन ने कहा, “हमने सदर अस्पताल में इसी तरह की प्रणाली को सफलतापूर्वक अपनाया है, जहां 450 में से 50 मरीज इसे अपना चुके हैं।”
नई प्रक्रिया का उद्देश्य मरीजों की सुविधा में सुधार लाना तथा अस्पताल में भीड़भाड़ कम करना है।
स्मार्टफोन के बिना मरीजों के लिए पारंपरिक मैनुअल पंजीकरण उपलब्ध है।
अस्पताल अधिकारी समग्र स्वास्थ्य सेवा दक्षता बढ़ाने के लिए आभा ऐप को व्यापक रूप से अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
यह पहल स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को डिजिटल बनाने और सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जमशेदपुर.
