जांच ग्रामीण विकास विभाग में कथित कमीशन गबन से संबंधित है
झारखंड के एक वरिष्ठ नौकरशाह मनीष रंजन कथित कमीशन गबन मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय में पेश नहीं हुए।
रांची – झारखंड के नौकरशाह मनीष रंजन पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय में पेश नहीं हुए।
एक कर्मचारी ने उन्हें एक पत्र दिया, जिसमें बताया गया था कि वह ईडी कार्यालय क्यों नहीं आ सकते।
उन्होंने पत्र में पूछताछ में शामिल न होने का जो कारण बताया है, वह अभी स्पष्ट नहीं है।
अपने बयान के अनुसार, पत्र वितरित करने वाले कर्मचारी अनिल कुमार को पत्र की विषय-वस्तु के बारे में जानकारी नहीं है।
ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर के दौरान कमीशन खोरी का मामला सामने आया था।
ईडी के अधिकारी इस मामले में उनसे पूछताछ करने में रुचि रखते हैं।
24 मई को सुबह 11 बजे उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया था।
22 मई को उन्हें नोटिस भेजा गया।
ईडी ने मनीष रंजन को नोटिस में उनकी और उनके परिवार की आय और अन्य संपत्तियों का ब्योरा देने को कहा था।
हालांकि, पूछताछ के दौरान मनीष रंजन अनुपस्थित रहे।
ईडी की जांच ग्रामीण विकास विभाग में निविदा प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं पर केंद्रित है।
निर्धारित जांच में मनीष रंजन की अनुपस्थिति ने चल रही जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पत्र की अज्ञात विषय-वस्तु मामले में अनिश्चितता का तत्व जोड़ती है।
ईडी के नोटिस में मनीष रंजन और उनके परिवार से विस्तृत वित्तीय खुलासे की मांग की गई थी।
यह जांच ग्रामीण विकास क्षेत्र में वित्तीय अनियमितताओं की व्यापक जांच का हिस्सा है।
ईडी किसी भी संभावित कदाचार को उजागर करने के लिए मामले की जांच जारी रखे हुए है।
जांच अभी भी जारी है तथा ईडी अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
