झामुमो झारखंड में सोशल मीडिया को एक विशेष चुनाव उपकरण के रूप में उपयोग करेगा
जमशेदपुर: सोशल मीडिया की अगले चुनावों में अहम भूमिका होगी. अधिकांश पार्टियों ने सोशल मीडिया को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी प्रारंभ कर दी है.
उधर, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने भी राज्य में आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में सोशल मीडिया को एक विशेष चुनाव उपकरण के रूप में उपयोग करने का निर्णय लिया है.
पार्टी जनता तक पहुंचने और अपने प्रमुख संदेश पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप, ट्विटर और फेसबुक का उपयोग कर रही है.
पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने बुधवार को झारखंड के सभी जिलों से सोशल मीडिया विशेषज्ञों को रांची बुलाया था. बैठक में पूर्वी सिंहभूम के 10 सोशल मीडिया विशेषज्ञों ने भाग लिया. उन्हें बताया गया कि आज के समय में पार्टी कार्यकर्ता और सुदूर गांवों के लोग भी सोशल मीडिया से जुड़े हुए हैं, इसलिए इस माध्यम से आम लोगों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है.
उनसे कहा गया कि वे इस माध्यम से कार्यकर्ताओं और जनता से जुड़ें और दूसरों को भी जोड़ें.
पार्टी ने दो पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए हैं और जिला से लेकर पंचायत स्तर तक सदस्यता अभियान तेज कर दिया है. जिले के हर प्रखंड के पार्टी अध्यक्ष और सचिव को पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी गयी है.
सदस्यता अभियान एवं प्रखंड स्तर पर पंचायत समितियों के गठन के लिए जिला केंद्रीय समिति के सदस्यों एवं जिले के वरिष्ठ नेताओं की दो सदस्यीय पर्यवेक्षण टीम नियुक्त की गयी है.
