संताली भाषा मान्यता के लिए जमशेदपुर में विरोध प्रदर्शन
आदिवासी सेंगेल अभियान के तहत स्थानीय लोगों ने झारखंड में संताली भाषा को प्रथम राज्य भाषा का दर्जा दिलाने के लिए रैली निकाली.
जमशेदपुर – भाषाई मान्यता की मांग को लेकर जमशेदपुर में उपायुक्त कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया गया.
आदिवासी सेंगेल अभियान के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन का उद्देश्य संताली भाषा को झारखंड की प्राथमिक राज्य भाषा का दर्जा दिलाना था.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अनुच्छेद 343 के अनुसार संताली भाषा को अब तक यह दर्जा नहीं दिया गया है.
उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों और सांसदों ने संताली के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लेखन प्रणाली ओल चिकी लिपि का विरोध किया है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मरांग बुरू को सरकार ने छोड़ दिया है.
प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल से सरना आदिवासी धर्म कोड को मंजूरी देने की भी मांग की.
इन प्रमुख मुद्दों के अलावा, विरोध कई शिकायतों के जवाब में भी था. इन 10 शिकायतों की एक सूची सौंपी गई उप आयुक्तराज्यपाल को सौंपने का इरादा है.
प्रदर्शनकारियों ने कड़ी चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे.
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