Bang utsav in gopal maidan; भाषा व संस्कृति की विरासत बचाने को जमशेदपुर में बंग भाषियों का महाजुटान, खानपान व संस्कृति का भी किया प्रदर्शन

जमशेदपुर : बंग उत्सव समिति की ओर से रविवार को बिस्टुपुर गोपाल मैदान में बांग्ला भाषियों का महजुटान हुआ. इस कार्यक्रम को बंग उत्सव के रूप में आयोजित किया गया.

बंग उत्सव समारोह का उद्घाटन सांसद विद्युत वरण महतो के साथ  सुभाष सांस्कृतिक परिषद सहित कई संस्थाओं से जुड़े समाजसेवी शेखर डे, बंग उत्सव समिति के अध्यक्ष अचिंतम गुप्ता तथा बंगाल क्लब के तापस मित्रा ने किया.
      अपने संबोधन में सांसद ने  कहा कि बांग्ला इतिहास आधारित भाषा है, हम सभी ने इसी भाषा में वर्ग प्रथम से दसवीं तक की शिक्षा ग्रहण की, लेकिन दु:ख का विषय है कि जैसे ही इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरु हुई, हमें अन्य भाषा में पढऩे को मजबूर किया गया. इसलिये हमारे पूर्वज विरासत के रूप में हमें जो भाषा, संस्कृति व परंपरा देकर गये हैं, उसे  बचाए रखने के लिये हमें सचेत रहने की जरूरत है, ताकि इसमें किसी तरह का व्यवधान या आघात न पहुंचे. बांग्ला भाषा हमेशा से ही अनुकरणीय रही है. हम सभी को इसके संरक्षण के लिये एक तिथि का चुनाव कर हर वर्ष ऐसा आयोजन करना चाहिये, ताकि आनेवाली पीढ़ी इसका महत्व जान सके.

बंग उत्सव समिति के अध्यक्ष अचिंतम गुप्ता ने कहा कि समाज के लोगों को एकजुट करने एवं उनके समक्ष उत्पन्न समस्याओं के निदान हेतु इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कोल्हान के बंगभाषियों को यह मंच प्रदान किया गया, जिसमें बंगभाषियों के खानपान, संस्कृति आदि का प्रदर्शन किया गया. इस दौरान संगठन की ओर से मातृभाषा की रक्षा, पठन-पाठन में आ रही दिक्कतें, शिक्षकों की कमी आदि पर भी विचार विमर्श किया गया. उन्होंने बताया कि एक माह बाद चिंतन शिविर आयोजित कर कार्यक्रम की  समीक्षा की जाएगी, जिसमें गांव में बनी कमिटी के प्रमुख शामिल होकर  बेहतरी के लिये सुझाव देंगे.

दिनभर चले विविध कार्यक्रम

 इसके विधिवत उद्घाटन के बाद दिनभर अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें जमशेदपुर सहित अन्य जिलों व शहरों से आये हुए प्रतिभागियों ने भाग लिया. इस दौरान नृत्य संगीत का दौर देर शाम तक चलता रहा. शाम को मानभूम पुरुलिया से आये लोक कलाकार बादल पाल ने बाउल व क्षेत्रीय गीत-संगीत का ऐसा समा बांधा कि लोग कुर्सी से चिपके रहे. उनके साथ पुरुलिया की छउ नृत्य टीम ने भी लोगों का खूब मनोरंजन किया. इसके बाद बंगाल की मशहूर कलाकार पौशाली बनर्जी तथा सुरोजित एंड टीम ने कई कर्णप्रिय गीत प्रस्तुत किये. उनके गीतों पर लोग जमकर झूमे.


कई सामाजिक संस्थाओं ने लगाया स्टॉल
बंग उत्सव के मौके पर कई सामाजिक संस्थाओं ने अपना स्टॉल लगाकर लोगों के बीच अपनी सेवा की. इसमें जुगसलाई दुर्गाबाड़ी ट्रस्ट, शिक्षा समिति, सबुज कल्याण संघ, निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन, द इवनिंग क्लब, अमल संघ, सिंहभूम बंगियो एसोसिएशन, मिलानी, बंगाल क्लब, बंग बंधु, विवेकानंद मिलन संघ, प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन, गौरी कुंज, नेताजी मिलन संघ, सुभाषचंद्र मिलन संघ, न्यू फॉर्म एरिया दुर्गापूजा  कमिटी, बंधन, माताजी मंदिर पोटका सहित लगभग चार दर्जन संस्था शामिल है. इस दौरान कई फूड स्टॉल भी लगाये गये थे.

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