अग्रहरि समाज के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन अग्रहरि ने पद से इस्तीफा दिया
पुलिस से जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगायी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के कदम पर सवाल उठाये
जमशेदपुर: अग्रहरि समाज के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन अग्रहरि ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा विगत 11 जुलाई को जमशेदपुर से श्रीखंड कैलाश यात्रा में अपने साथ गये जमशेदपुर के हरि ओम साव की निरमंड में आकस्मिक मौत हो जाने के बाद कई प्रकार के आरोपों से घिरने के बाद दिया है।
उन्होंने अपने और अपने परिवार के सदस्यों को जान-माल का खतरा बताते हुए न्याय की गुहार भी लगाई है।
विगत 11 जुलाई को पूरे देश भर से 12 सदस्यों का जत्था श्रीखंड कैलाश यात्रा के लिए रवाना हुआ था।
इधर, जमशेदपुर से हरि ओम साव और पवन अग्रहरि भी यात्रा में शामिल हुए थे।
यात्रा के दौरान निरमंड में तबीयत खराब होने की वजह से हरिओम साहू रुक गए।
उनके साथ गये पवन अग्रहरि जत्था के साथ आगे निकल गये।
दूसरी ओर, इलाज के दौरान चिकित्सकों ने हरिओम साहू को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद से लगातार मृतक के परिजन उनपर हत्या का आरोप लगाने लगे।
वहीं, समाज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने पवन अग्रहरि पर जांच टीम बैठा दी।
उसके बाद से ही लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से और अन्य माध्यमों से पवन अग्रहरि को धमकियां मिलने लगीं।
वहीं, इस संबंध में प्रेस वार्ता आयोजन कर अग्रहरी समाज के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन अग्रहरि ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया।
हरिओम साहू की मृत्यु को उन्होंने दुर्भाग्यजनक अनहोनी बताया।
उन्होंने राष्ट्रीय कार्यकारिणी पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि बिना प्रारंभिक जांच किये ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा इन पर जांच टीम बैठा दी गई।
उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन देश के हर कोने से गए यात्रियों का जत्था भी उनके साथ था, जो हर स्थिति के गवाह हैं। बावजूद इसके इस अनहोनी को हत्या का रूप देकर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर उनके परिवार के सदस्य को जान से मारने की लगातार धमकी दी जा रही है।
इस संबंध में उन्होंने थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है।
थक-हार कर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और जिला प्रशासन से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।

