खरकई नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट
खरकई नदी में जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने की संभावना है। खरकई बांध का 1 गेट खोले जाने की भी संभावना है।
जमशेदपुर: जमशेदपुर में सोमवार सुबह से ही लगातार हो रही बारिश के कारण खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुँच गया है, जिस कारण जिला प्रशासन के आदेश के तहत खरकई बांध का एक गेट खोला गया है। शहर के तटीय इलाकों मे बसे लोगों को बाढ़ से बचाने हेतु सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
जिले की उपायुक्त विजया जाधव के निर्देश के तहत तीनो निकायों के पदाधिकारी स्थानांतरण के कार्य में जुटे दिखे।
मानगो नदी के तट पर रह रहे लोगों को स्थानंतरित करने हेतु जमशेदपुर अक्षेस तथा मानगो नगरपालिका के पदाधिकारी नदी तट पर पहुंचे, जहाँ सभी को लाउडस्पीकर के माध्यम से बढ़ते जलस्तर के विषय मे सचेत किया गया।
वहीं सबको शेल्टर होम भेजा जा रहा है, जहाँ जरुरत के तमाम सामानों के साथ भोजन की वयवस्था भी जिला प्रशासन द्वारा की गई है।
खरकई नदी में जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने की संभावना है। खरकई बांध का 1 गेट 4 बजे तक खोले जाने की भी सूचना है और इस वजह से जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है।
जिला उपायुक्त ने निकाय प्रशासन एवं प्रखंड प्रशासन को तटीय इलाकों में अलर्ट जारी करने के निर्देश दिये हैं।
पूर्वी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही बारिश तथा खरकई बांध के 1 गेट को 4 बजे खोले जाने की सूचना है, जिससे खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंचने की संभावना है।
नदी के जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट है।
जिला उपायुक्त द्वारा जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी एवं जमशेदपुर सदर के अंचलाधिकारी / प्रखंड विकास पदाधिकारी को तटीय इलाके में तत्काल अलर्ट जारी करने का निर्देश दिया गया है।तथा आकस्मिक स्थिति में लोगों को सुरक्षित जगह पर रखने की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया है।
जिला उपायुक्त श्रीमती विजया जाधवने कहा कि लगातार हो रही बारिश तथा खरकई बांध का एक गेट खोले जाने के कारण खरकाई नदी का जलस्तर बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय निकाय एवं प्रखंड प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
आकस्मिक स्थिति बन जाने पर त्वरित कार्रवाई कर जान माल की सुरक्षा की जाएगी।
इसके लिए प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है ।
उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि डूब क्षेत्र या नदी किनारे तरफ नहीं जाएँ।
अपने परिवार एवं जानमाल की सुरक्षा को देखते हुए ऊंचाई वाले स्थानों में रहें।
