रोमांचक दौड़, ताइक्वांडो और कला प्रतियोगिताएं युवा प्रतिभाओं को सिदगोड़ा पार्क की ओर आकर्षित करती हैं।
प्रमुख बिंदु:
– स्वर्णरेखा विकास ट्रस्ट और नेचर फाउंडेशन की ओर से सिदगोड़ा के चिल्ड्रेन पार्क में बाल मेला लगा।
– 25 से अधिक स्कूलों ने मेंढक दौड़, तायक्वोंडो और कला प्रतियोगिताओं जैसे कार्यक्रमों में भाग लिया।
– चेशायर होम के दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
जमशेदपुर – स्वर्णरेखा विकास ट्रस्ट और नेचर फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित बाल मेला बुधवार, 20 नवंबर को सिदगोड़ा के चिल्ड्रेन पार्क में जीवंत ऊर्जा लेकर आया।
यह कार्यक्रम सुबह 8 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक जारी रहा, जिसमें पूरे जमशेदपुर के 25 से अधिक स्कूलों ने भाग लिया।
छात्रों ने अपने खेल शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और स्कूल अधिकारियों के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया।
प्रतियोगिताओं को उम्र और लिंग के आधार पर श्रेणियों में विभाजित किया गया था, जिनमें मेंढक दौड़, बिस्किट दौड़, बोरी दौड़, डिस्कस थ्रो और तायक्वोंडो शामिल थे।
जूनियर लड़कों और लड़कियों (कक्षा 4 से 7) के लिए, लोकप्रिय गतिविधियों में मेंढक दौड़ और बिस्किट/टॉफ़ी दौड़ शामिल थीं।
वरिष्ठ लड़कों और लड़कियों (कक्षा 8 से 10) ने डिस्कस थ्रो, चम्मच दौड़ और रस्सी कूद जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
तायक्वोंडो और कबड्डी प्रतियोगिताएं 12 वर्ष और उससे अधिक आयु के छात्रों के लिए खुली थीं।
योग सत्र, पेंटिंग प्रतियोगिता और फैंसी ड्रेस परेड ने मेले में रचनात्मक आकर्षण जोड़ा।
चेशायर होम के दिव्यांग बच्चों के लिए एक खेल प्रतियोगिता आयोजित कर समावेशिता पर विशेष ध्यान दिया गया।
मेले ने सौहार्द और प्रतिस्पर्धा की भावना का उदाहरण प्रस्तुत किया, जिससे प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों को प्रेरणा मिली।
