अदालत ने मॉब लिंचिंग मामले में गवाहों को शीघ्र पेश करने का आग्रह किया
जमशेदपुर के एडीजे-8 पट्टादार की अदालत में बुधवार को 2017 नागाडीह मॉब लिंचिंग मामले में गवाही जारी रही।
जमशेदपुर- 2017 के नागाडीह मॉब लिंचिंग की घटना के दौरान पुलिस पर पथराव, जानलेवा हमला और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे-8 पट्टादार की अदालत में बुधवार को उत्तम वर्मा की गवाही दर्ज की गई।
गवाही अधूरी रह गई।
अदालत ने अतिरिक्त लोक अभियोजक सुधीर टोप्पो को मामले में गवाहों की प्रस्तुति में तेजी लाने का निर्देश दिया।
झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश के तहत मामले का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए इसकी प्रतिदिन सुनवाई की जाएगी।
आगे की गवाही गुरुवार को दर्ज की जाएगी।
18 मई 2017 की शाम को तीन लोगों की हत्या कर दी गई। मारे गए नागाडीह में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक मृतक की दादी रामसखी देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतकों में नया बाजार जुगसलाई निवासी विकास वर्मा व गौतम वर्मा तथा बागबेड़ा गाढ़ाबासा निवासी उनके साथी गंगेश गुप्ता शामिल हैं।
घटना के दौरान जब पुलिस मौके पर पहुंची तो गुस्साई भीड़ ने पुलिस जीप पर हमला कर दिया और पथराव किया, जिससे पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
तत्कालीन बागबेड़ा थाना प्रभारी अमिश हुसैन के बयान पर जानलेवा हमला, पुलिसकर्मियों को गंभीर चोट पहुंचाने, तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया था।
इस मामले में मुखिया राजाराम हांसदा, ग्राम प्रधान भीष्म सरदार, डॉक्टर मार्डी, सुभाष हांसदा व अन्य समेत 22 आरोपी हैं।
मामले के तथ्यों से अवगत जमशेदपुर निवासी ने कहा, “यह मामला काफी लंबे समय से लंबित है। हमें शीघ्र और निष्पक्ष समाधान की उम्मीद है।”
