आजादनगर थाना विवाद: पुलिस पर गंभीर आरोप
अवैध हिरासत और मारपीट के आरोप से घिरी पुलिस
मुख्य बिंदु:
- थाना प्रभारी पर अवैध हिरासत और मारपीट का आरोप
- पीड़ित ने नगदी और मोबाइल छीनने का भी लगाया आरोप
- प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
जमशेदपुर – आजादनगर थाना क्षेत्र में पुलिस पर गंभीर आरोप लगने के बाद मामला चर्चा में है।
शहर के आजादनगर थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं। एक स्थानीय निवासी ने उपायुक्त को लिखित शिकायत दी है।
हालांकि शिकायत में थाना प्रभारी चंदन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों को भी आरोपों में शामिल किया गया है।
मजहर खान ने अवैध हिरासत का आरोप लगाया है। उन्होंने मारपीट और धमकी देने की भी बात कही है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि चार अप्रैल को उन्हें सूचना मिली थी। उनके मित्र शाहिद को थाने में बैठाकर रखा गया था।
वहीं आरोप है कि बिना कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में रखा गया। साथ ही उसके साथ मारपीट की जा रही थी।
इसके बाद मजहर खान शाम करीब साढ़े सात बजे थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस से कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
हालांकि उनके अनुसार यह अनुरोध थाना प्रभारी को नागवार गुजरा। उन्हें केबिन में बुलाया गया।
इसके बाद उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उनका मोबाइल और करीब दो हजार रुपये छीनने का आरोप है।
साथ ही उन्हें गाली दी गई और धमकाया गया। उन्हें जान से मारने की धमकी देने की बात कही गई।
आरोप है कि केबिन का दरवाजा बंद कर दिया गया। उन्हें चारों ओर से घेर लिया गया।
फिर पुलिसकर्मियों ने मिलकर मारपीट की। उन्हें लात और घूंसों से पीटा गया।
इस दौरान उनका सिर दीवार से टकराया गया। वे गिर पड़े और घायल हो गए।
हालांकि शोर मचाने पर किसी तरह उन्हें छोड़ा गया। पीड़ित ने इसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताया है।
उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
वहीं इस मामले पर प्रशासन की प्रतिक्रिया नहीं आई है। पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

