एनसीईआरटी की पुस्तक में न्यायपालिका संबंधी टिप्पणी पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने जताया खेद, किताबें वापस मंगाने के निर्देश
जमशेदपुर : जमशेदपुर के कदमा मरीन ड्राइव में आयोजित श्री जगन्नाथ मंदिर के भूमि पूजन समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हुए। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए न्यायपालिका से जुड़े कथित आपत्तिजनक उल्लेख को लेकर एनसीईआरटी की एक पाठ्यपुस्तक पर उठे विवाद के बीच सरकार ने खेद व्यक्त किया है। जमशेदपुर में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सरकार की ओर से कहा कि न्यायपालिका देश के लोकतांत्रिक ढांचे का महत्वपूर्ण स्तंभ है और सरकार हमेशा उसका सम्मान करती है।
उन्होंने एनसीईआरटी की पुस्तक में न्यायपालिका के भ्रष्टाचार से संबंधित प्रकाशित सामग्री पर गंभीरता से संज्ञान लिया गया है। इस पर खेद जताते हुए स्पष्ट किया गया कि सरकार न्यायपालिका के प्रति संवेदनशील है और संस्थानों की गरिमा बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।
उन्होंने जानकारी दी कि संबंधित पुस्तक की अब तक छपी सभी प्रतियों को तत्काल प्रभाव से वापस मंगाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, मामले की जांच कराई जा रही है और इसमें शामिल जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में शैक्षणिक सामग्री के प्रकाशन से पहले समीक्षा प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि इस प्रकार की त्रुटियां दोबारा न हों।
