रतन टाटा की तरह रिटायरमेंट पॉलिसी में मिलेगी छूट!, 156 करोड़ है चंद्रशेखरन की सैलरी
अक्टूबर 2016 में टाटा संस के बोर्ड में आए, जनवरी 2017 में बनाया गया उन्हें चेयरमैन
टाटा समूह (TATASONS) में पहली बार वो होने जा रहा, जो पहले कभी नहीं हुआ
नई दिल्ली : देश की सबसे विश्वसनीय कंपनियों में से एक टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को तीसरा टर्म मिलना तय माना जा रहा है। इसके लिए इस औद्योगिक घराने ने वर्षों पुराने नियम को तोड़ते हुए यह निर्णय लिया है। कंपनी की रिटायरमेंट पॉलिसी में छूट दी जा सकती है।
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक टाटा संस अगले हफ्ते ईजीएम की तैयारी कर रही है जिसमें इससे जुड़ा प्रस्ताव रखा जा सकता है। चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल खत्म होने में अब पूरा एक साल बाकी है।
यह प्रस्ताव टाटा संस की रिटायरमेंट पॉलिसी में एक अपवाद होगा। इस तरह की छूट 2016 में रतन टाटा को दी गई थी जब वह साइरस मिस्त्री की जगह चेयरमैन बने थे। चंद्रशेखरन जून में 63 साल के हो जाएंगे। इस तरह यह प्रस्ताव टाटा संस में 65 साल की उम्र के बाद नॉन-एग्जीक्यूटिव रोल पर लागू रिटायरमेंट पॉलिसी में एक छूट है।
टाटा संस में मैज्योरिटी शेयर होल्डर टाटा ट्रस्ट्स में पिछले साल अक्तूबर में एक प्रस्ताव पारित कर चंद्रशेखरन की फिर से नियुक्ति को हरी झंडी दी थी। सूत्रों का कहना है कि टीसीएस का टॉप मैनेजमेंट अगले हफ्ते टाटा संस के बोर्ड में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर एक प्रजेंटेशन देगा।
हाल में एआई के उभार से टेक शेयरों में काफी गिरावट आई है। अमेरिका की एआई डेवलपर एंथ्रोपिक ने हाल में Claude Cowork टूल लॉन्च किया था जिससे आईटी सर्विसेज कंपनियों के बिजनेस मॉडल को खतरा पैदा हो गया है।
नेट प्राफिट 28,898 करोड़ रुपये
सूत्रों का कहना है कि टाटा संस के बोर्ड को टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एयर इंडिया में हुए अपडेट्स की भी जानकारी दी जाएगी। टाटा ग्रुप के लिए 2025 बहुत चुनौतीपूर्ण रहा। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 24% की तेजी के साथ 5.92 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया लेकिन नेट प्रॉफिट 17% की गिरावट के साथ 28,898 करोड़ रुपये रह गया।
होल्डिंग कंपनी की टाटा ग्रुप की कंपनियों में 8 फीसदी से 71.75 फीसदी तक हिस्सेदारी है और उसकी इनकम में इन कंपनियों द्वारा दिया गया डिविडेंड का बड़ा हिस्सा है।
फाइनेंशियल ईयर 2025 में टाटा ग्रुप का सभी लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों से रेवेन्यू 15.34 लाख करोड़ रुपये रहा जबकि नेट प्रॉफिट 1.13 लाख करोड़ रुपये था। टाटा ग्रुप का मौजूदा मार्केट कैप 24.39 लाख करोड़ रुपये है। चंद्रशेखरन को फरवरी 2022 में दूसरा टर्म दिया गया था। वह अक्टूबर 2016 में टाटा संस के बोर्ड में आए थे और जनवरी 2017 में उन्हें चेयरमैन बनाया गया था।
