नगर निकाय चुनाव में यूपीए के तीनों राजनीतिक दल अलाप रहे अलग-अलग राग
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद और चाकुलिया नगर पंचायत में निकाय चुनाव में दिख रही अजीबोगरीब स्थिति। यहां यूपीए के तीनों राजनीतिक दल अलग-अलग राग अलाप रहे हैं।
दोनों गठबंधनों में कलह चरम पर है। चुनाव परिणाम के पहले पता नहीं कितने नेताओं की ‘बलि’ लेगा यह चुनाव। फिलहाल तीन दल कांग्रेस, भाजपा और राजद इसके शिकार हो चुके हैं। झामुमो में अंदरुनी कलह तो शुरू हुई है पर अभी एक्शन नहीं हुआ है शीर्ष नेतृत्व के स्तर से। अधिक समस्या यूपीए में है। उसके तीनों दल झामुमो, कांग्रेस और राजद अलग-अलग राग अलाप रहे हैं। भाजपा में अंदरूनी कलह जरूर है परंतु गठबंधन इससे अछूता है।
सबसे पहले कांग्रेस ने अपनी नेता जेबा खान को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया। उन पर आरोप है कि पार्टी समर्थित नेता सुधा गुप्ता के खिलाफ उन्होंने मानगो नगर निगम के मेयर चुनाव में उम्मीदवारी पेश कर दी है। परिणामस्वरूप उन्हें निलंबित कर दिया गया। मानगो से ही दूसरे नेता जितेन्द्र सिंह को भी छह साल के लिए सोमवार को निलंबित कर दिया गया। उन पर भी आरोप है कि अपनी पत्नी पार्वती देवी को मानगो नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए प्रत्याशी बनाया है और उनके साथ में चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
भाजपा ने भी अपने एक वरिष्ठ नेता राजकुमार श्रीवास्तव पर ऐसा दबाव बनाया कि उन्होंने खुद ही इस्तीफा दे दिया। श्रीवास्तव पार्टी के स्थापना काल 1980 से जुड़े थे। इस प्रकार इस चुनाव में अपनी पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव की उम्मीदवारी के चक्कर में उन्हें 45 साल पुराना साथ छोड़ना पड़ा। वे वर्तमान में भाजपा के धनबाद जिला के प्रभारी और पूर्व जिलाध्यक्ष थे।
उनका आरोप है कि पार्टी ने एक होटल वाले नेता के चक्कर में अपने पुराने कार्यकर्ता को पार्टी छोड़ने पर विवश किया जबकि जिस नेता की पत्नी को उम्मीदवार बनाया है उसका पार्टी से चार साल पुराना नाता है।
राजद में भी नेताओं की निष्ठा रोज बदल रही है। कोई गठबंधन के सहयोगी सुधा गुप्ता का समर्थन कर रहा तो कोई कांग्रेस से निकाली जा चुकी जेबा खान का। वैसे पार्टी की प्रदेश इकाई का आधिकारिक समर्थन जेबा खान के साथ है। परंतु पार्टी के महानगर अध्यक्ष रमेश राय, प्रदेश उपाध्यक्ष मंजू शाह और युवा जिला अध्यक्ष कमलेश यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन तीनों ने सुधा गुप्ता का समर्थन किया था। देखना है कि इन तीनों पर क्या कार्रवाई होती है।
झामुमो भी इस कलह से बचा नहीं है। जुगसलाई नगर परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव में पार्टी का समर्थन डॉली मल्लिक के साथ है। परंतु पार्टी के बड़े नेता और राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने अपनी पत्नी नौशीन खान को मैदान में उतार रखा है। इसके कारण पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद लाल कह चुके हैं कि हो सकता है खान के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
एनडीए के दलों में एकजुटता नहीं होने का खामियाजा तीनों ही दलों को या प्रत्याशी को भुगतना पड़ेगा। छह दिन बाद मतदान होना है। इस बीच संभव है कि समीकरण का गणित और बदले।
