विक्रम शर्मा की हत्या से सन्न रह गया जमशेदपुर, सत्ता से लेकर विपक्ष तक था गहरा रसूख, हाल ही में शुरू किया था ‘विक्रम उद्योग’
जमशेदपुर | लौहनगरी जमशेदपुर की जानी-मानी और प्रभावशाली हस्ती विक्रम शर्मा की उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में निर्मम हत्या कर दी गई है। इस सनसनीखेज वारदात की खबर जैसे ही जमशेदपुर पहुँची, शहर के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में हड़कंप मच गया। विक्रम शर्मा न केवल एक सफल उद्यमी थे, बल्कि शहर की राजनीति और दबदबे वाली संस्कृति में एक धुरी की तरह माने जाते थे।
दलों की सीमा से ऊपर था राजनीतिक रसूख
विक्रम शर्मा का राजनीतिक संपर्क किसी एक दल तक सीमित नहीं था। कांग्रेस, भाजपा और झामुमो समेत राज्य के तमाम प्रमुख दलों के दिग्गज नेताओं के साथ उनके प्रगाढ़ संबंध थे। सोशल मीडिया पर अक्सर उनकी ऐसी तस्वीरें साझा होती थीं, जो सत्ता के गलियारों में उनकी गहरी पैठ की तस्दीक करती थीं। उनकी हत्या ने न केवल उनके समर्थकों को बल्कि राजनीतिक हलकों को भी स्तब्ध कर दिया है।
अखिलेश सिंह के ‘मेंटर’ व उद्योग में नई पारी
जमशेदपुर के समीकरणों को समझने वाले लोग विक्रम शर्मा को कुख्यात अखिलेश सिंह का गुरु और मार्गदर्शक मानते थे। उनके इस प्रभाव के कारण शहर के एक बड़े वर्ग में उनकी तूती बोलती थी। हालांकि, पिछले कुछ समय से वे मुख्यधारा के व्यवसाय में पूरी तरह सक्रिय थे। हाल ही में उन्होंने जमशेदपुर में ‘विक्रम उद्योग’ की शुरुआत की थी, जिसके भव्य उद्घाटन समारोह में शहर की तमाम बड़ी हस्तियों, उद्योगपतियों और राजनेताओं ने शिरकत की थी।
शहर में पसरा सन्नाटा, सुरक्षा पर सवाल
आज जैसे ही देहरादून से उनकी हत्या की सूचना आई, जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों में सन्नाटा पसर गया। लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि इतने व्यापक प्रभाव वाली शख्सियत की इस तरह हत्या की जा सकती है। स्थानीय लोगों और समर्थकों के बीच इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और शोक है।
चर्चाओं का बाजार गर्म














पुलिस अब इस हत्या के पीछे के कारणों और संभावित ‘गैंगवार’ या ‘पुरानी रंजिश’ के पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल जमशेदपुर पुलिस भी उत्तराखंड पुलिस के संपर्क में है।
