गौ-सेवा के संकल्प से महका चाकुलिया: अत्याधुनिक गौ-सदन और जलापूर्ति परियोजना का भव्य लोकार्पण
जमशेदपुर। सेवा, श्रद्धा और समर्पण के संगम के साथ चाकुलिया गौशाला में ‘विकास उत्सव’ का आयोजन किया गया। गौशाला के प्रांगण में रविवार को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में समाजसेवियों, उद्योगपतियों और गोभक्तों का समागम देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कोलकाता, जमशेदपुर और मिदनापुर के भी गणमान्य लोग शामिल हुए।

इस अवसर पर न केवल बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ, बल्कि पूर्वी भारत के प्रमुख उद्योगपतियों और समाजसेवियों ने एकजुट होकर गौ-संरक्षण का संकल्प भी दोहराया।

बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
गौशाला के विकास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, चाकुलिया गौशाला के अध्यक्ष और कोलकाता के जाने-माने उद्यमी सीए गिरधारी लाल गोयनका ने नवनिर्मित गौ सदन और पानी टंकी का उद्घाटन किया।

गौ सदन: 40 साल की लागत (नियोजन) से निर्मित इस सदन में 50 गायों के रहने की उत्तम व्यवस्था है।
जल सुविधा: गोवंश की सुविधा हेतु एक विशेष पानी टंकी का भी लोकार्पण किया गया।

इस मौके पर अपने संबोधन में गिरधारी लाल गोयनका ने कहा कि आधुनिक गौ सदन से बेसहारा गोवंश को नया सहारा मिलेगा।

गोयनका ने कहा कि यह सदन केवल एक भवन नहीं, बल्कि 50 गायों के लिए एक आधुनिक और आरामदायक आश्रय है, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसके साथ ही, गोवंश के लिए निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु एक विशाल पानी टंकी का भी लोकार्पण किया गया, जो परिसर में जल प्रबंधन को सुदृढ़ करेगी।
भव्य स्वागत व सांस्कृतिक छटा
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से हुई। जैसे ही अतिथि गोशाला परिसर पहुंचे, स्थानीय आदिवासी कलाकारों ने मान्दर की थाप और पारंपरिक नृत्य के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
आयोजन में आधुनिकता के साथ-साथ मिट्टी की सोंधी खुशबू भी देखने को मिली।
स्थानीय आदिवासी कलाकारों ने मादल की थाप पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर महानगरों से आए अतिथियों का मन मोह लिया।
इसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन, हवन और विधि-विधान से गौ-पूजन कर गौ-परिक्रमा की गई।
विचार गोष्ठी: सेवा का संकल्प
उद्घाटन के बाद आयोजित ‘विचार गोष्ठी’ में वक्ताओं ने गौ-सेवा के महत्व पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में देश की प्रतिष्ठित कलकत्ता पिंजरापोल सोसाइटी से जुड़ी कई हस्तियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ा दी।
कोलकाता पिंजरापोल के सचिव पवन टीबड़ेवाल और उपाध्यक्ष देवकीनंदन लोढ़ा ने गोशाला के प्रबंधन और सेवा भाव की सराहना की। अन्य अतिथियों ने भी गोशाला को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने हेतु अपने सुझाव साझा किए।
संस्था के महासचिव पवन टीबड़ेवाल ने अपने संबोधन में कहा कि चाकुलिया गोशाला का प्रबंधन पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। उपाध्यक्ष देवकी नंदन टोडी ने भी गौ-सेवा के आध्यात्मिक और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला।
चाकुलिया गोशाला की कोर टीम के वित्त सलाहकार विकास माधोगढ़िया और उपाध्यक्ष रमेश लोढ़ा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए गोशाला की वित्तीय पारदर्शिता और आगामी परियोजनाओं का खाका पेश किया।
आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय सदस्यों की टीम ने दिन-रात एक कर दिया। आलोक लोढ़ा और आनंद सेकसरिया के नेतृत्व में सदस्यों ने आगंतुकों की व्यवस्था से लेकर गौ-पूजन और हवन तक की कमान बखूबी संभाली।
विचार गोष्ठी के अंत में अध्यक्ष गिरधारी लाल गोयनका ने सभी दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह गोशाला समाज के हर वर्ग के सहयोग से फल-फूल रही है और आने वाले समय में यहाँ प्राकृतिक खेती व अन्य शोध कार्यों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर विभिन्न शहरों से आए प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित थे: कोलकाता से विकास माधोगढ़िया, रमेश लोढ़ा।जमशेदपुर से दिलीप गोयल, मनीष केडिया, अभिषेक भालोटिया, संतोष अग्रवाल।मिदनापुर व झारग्राम से प्रदीप लोढ़ा, अनूप लोढ़ा, सतीश गोयनका, डॉ. कमल भालोटिया।स्थानीय आयोजन समिति के मदनलाल अग्रवाल, आनंद के.के. बेरिया, दुर्गा मेधा, सांवर मेधा, अशोक अग्रवाल और आलोक लोढ़ा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
