पूर्वी सिंहभूम के लाभार्थियों को तकनीकी व विपणन संबंधी सहयोग कर रहा जिला प्रशासन
जमशेदपुर : जिले में संचालित ‘जिवेदोक अभियान’ के तहत विभिन्न प्रखंडों में सामुदायिक स्तर पर स्थापित किए जा रहे उद्यमों की समीक्षा हेतु समाहरणालय सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने की। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में स्थापित एवं प्रस्तावित उद्यम इकाइयों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त द्वारा सभी प्रखंडों में उपलब्ध सामुदायिक संसाधनों को ध्यान में रखते हुए परंपरागत आजीविका को नया आयाम देने के उद्देश्य से उनके मूल्य संवर्धन के माध्यम से उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा लाभार्थियों को उद्यमी के रूप में सशक्त बनाना है।
बैठक के दौरान जिले में संचालित कुल 17 उद्यमों की प्रगति पर विमर्श किया गया। इनमें प्रमुख रूप से बोड़ाम में मधु प्रसंस्करण इकाई, मुसाबनी में डोकरा आर्ट एवं सिल्क परियोजना, घाटशिला के चेंगजोड़ा में हेरिटेज ग्राम, बोड़ाम के अंधारझोर में वाद्य यंत्र निर्माण, गुड़ाबांदा में बकरी पालन, बहरागोड़ा के मानुषमुड़िया में बंबू ट्रीटमेंट प्लांट, जुगिशोल में SFRUTI क्लस्टर एवं काजू प्रोसेसिंग यूनिट, गोलमुरी सह जुगसलाई में मशरूम उत्पादन, धालभूमगढ़ में पैटकर पेंटिंग, घाटशिला में वुड कार्विंग परियोजना, डुमरिया के लखाईडीह में सरसों तेल प्रसंस्करण इकाई, पोटका एवं पटमदा में पोल्ट्री को-ऑपरेटिव, डुमरिया में माइक्रो इकोनॉमिक जोन, तथा सीएम स्मार्ट ग्राम योजना के अंतर्गत संचालित उद्यम शामिल हैं।
उप विकास आयुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी उद्यमों की गुणवत्ता, समयबद्ध क्रियान्वयन एवं स्थायित्व पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा लाभार्थियों को तकनीकी एवं विपणन से जुड़ा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि जिवेदोक अभियान के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।
