दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने गुरुवार को राष्ट्रपति की ओर से संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत मांगी गई राय पर अपना फैसला सुना दिया है।
अदालत ने कहा है कि राष्ट्रपति और राज्यपालों को विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समय सीमा तय करने वाला फैसला असंवैधानिक है।
सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ आज संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति के रेफरेंस पर अपनी राय देगा। राष्ट्रपति ने सर्वोच्च अदालत से इस बारे में राय मांगी गई थी कि क्या संवैधानिक रूप से समयावधि निश्चित न होने की वजह से राज्य विधानसभाओं से पारित विधेयकों को मंजूरी देने, ठुकराने, रोकने के लिए राज्यपालों पर किसी तरह की कोई समय सीमा निर्धारित की जा सकती है। इस मामले पर भारत के चीफ जस्टिस (सीजेआई) बीआर गवई, अगले चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एस चांदूरकर की संवैधानिक बेंच अपनी राय देगा।
