अफीम मुक्त सरायकेला की ओर कदम, प्री-कल्टीवेशन ड्राइव में ग्रामीणों ने ली अवैध खेती न करने की शपथ
== जागरूकता अभियान के तहत ग्राम सभाओं, स्कूलों व बाजार क्षेत्रों में अफीम उन्मूलन का संकल्प
सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले को अफीम की अवैध खेती से पूर्णतः मुक्त करने के उद्देश्य से सरायकेला-खरसावां पुलिस ने व्यापक स्तर पर प्री-कल्टीवेशन ड्राइव की शुरुआत कर दी है।
इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाकर न केवल लोगों को अफीम की खेती के कानूनी और सामाजिक दुष्परिणामों से अवगत कराया जा रहा है, बल्कि उन्हें वैकल्पिक कृषि प्रणाली की ओर प्रेरित भी किया जा रहा है।
अभियान के तहत शनिवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ग्राम सभाएं, पैदल गश्त और शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जहां ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को अफीम की खेती न करने की शपथ दिलाई गई।
प्रमुख गतिविधियां व आयोजन स्थल
कुचाई थाना क्षेत्र के गोपीडीह चौक पर ग्राम सभा
कांड्रा थाना क्षेत्र के तुमसा गांव में ग्राम सभा
ईचागढ़ थाना क्षेत्र के बामनडीह गांव में ग्राम सभा
चौका थाना क्षेत्र के खूंटी बाजार में पुलिस द्वारा पैदल गश्त कर लोगों से संवाद
दलभंगा ओपी क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, सियाडीह में छात्रों को संबोधन
खरसावां थाना क्षेत्र के आदर्श मध्य विद्यालय, खरसावां में जागरूकता कार्यक्रम
स्थानीय भाषा में समझाया गया अफीम का दुष्प्रभाव
प्रत्येक कार्यक्रम में संबंधित थाना प्रभारी द्वारा स्थानीय भाषा में ग्रामीणों व छात्रों को यह स्पष्ट किया गया कि अफीम की अवैध खेती न केवल स्वास्थ्य, समाज और युवा पीढ़ी को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि इसके लिए सख्त कानूनी सजा भी निर्धारित है।
ग्रामीणों को बताया गया कि अफीम की खेती एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के अंतर्गत गंभीर अपराध है, जिसकी सजा में लंबी जेल अवधि और आर्थिक दंड शामिल हैं।
वैकल्पिक खेती को बताया बेहतर विकल्प
पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक टीम ने ग्रामीणों को अफीम के स्थान पर हल्दी, अदरक, सब्जी, मक्का और औषधीय पौधों की खेती करने का सुझाव दिया, जो न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी हैं, बल्कि कानूनी और सामाजिक रूप से स्वीकार्य भी हैं।
सभी ने ली अफीम न उगाने की शपथ
ग्राम सभाओं और स्कूलों में उपस्थित लोगों को सामूहिक रूप से शपथ दिलाई गई कि वे इस वर्ष अफीम की खेती नहीं करेंगे, न ही इसके व्यापार में किसी प्रकार से शामिल होंगे। उन्होंने अफीम मुक्त गांव के निर्माण में सहयोग देने का वादा किया।
छात्रों को किया गया जागरूक
स्कूलों में आयोजित सत्रों के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि नशा और नशीली फसलें समाज के लिए अभिशाप हैं। उन्हें अफीम और अन्य नशीले पदार्थों के शारीरिक, मानसिक और कानूनी दुष्परिणाम समझाए गए।
पुलिस का संदेश – जन सहयोग से ही सफल होगा अभियान
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सकारात्मक जनभागीदारी के साथ दीर्घकालिक सामाजिक परिवर्तन लाना है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि यदि उन्हें कहीं अफीम की अवैध खेती या संबंधित गतिविधियों की सूचना मिले, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
