September 10, 2026
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जमशेदपुर

जानिए घना कुहासा क्यों बनता ट्रेनों की रफ्तार का दुश्मन, क्यों रोकना पड़ता है परिचालन

जानिए घना कुहासा क्यों बनता ट्रेनों की रफ्तार का दुश्मन, क्यों रोकना पड़ता है परिचालन

जमशेदपुर: जैसे-जैसे सर्दी (ठंड का मौसम) दस्तक देती है, वैसे-वैसे रेल यात्रियों की परेशानी भी बढ़ने लगती है। खासकर सुबह और देर रात चलने वाली ट्रेनें अक्सर घने कुहासे (Dense Fog) के कारण या तो देर से चलती हैं या रद्द कर दी जाती हैं। रेलवे ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है।

टाटानगर समेत कई स्टेशनों से चलने वाली ट्रेनें कुहासा के कारण रहेंगी रद्द।

सर्दी में कोहरा भले ही प्राकृतिक प्रक्रिया हो, लेकिन रेलवे के लिए यह तकनीकी और सुरक्षा दोनों दृष्टियों से एक गंभीर चुनौती बनकर सामने आता है।

इसलिए अगली बार जब आपकी ट्रेन कोहरे की वजह से देर से चले, तो समझिए कि यह देरी आपकी सुरक्षा के लिए एक ज़रूरी इंतज़ाम है।

लेकिन सवाल यह है कि आखिर कुहासे की वजह से ट्रेनों का परिचालन क्यों बाधित होता है?

चलिए समझते हैं इस मौसमीय चुनौती के पीछे की तकनीकी और सुरक्षा कारणों को।

दृश्यता घटते ही थम जाती रफ्तार

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घने कोहरे के दौरान दृश्यता (Visibility) बेहद कम हो जाती है।

कई बार यह दूरी 20 से 50 मीटर तक सिमट जाती है, जबकि ट्रेन के ड्राइवर को कम से कम 200 से 500 मीटर की स्पष्ट दृश्यता की जरूरत होती है ताकि वह सिग्नल, ट्रैक या आगे की किसी बाधा को देख सके।

ट्रेन रोकने के पीछे सुरक्षा सबसे बड़ा कारण

भारतीय रेलवे के सेफ्टी प्रोटोकॉल के मुताबिक, यदि दृश्यता न्यूनतम स्तर से नीचे गिरती है, तो ट्रेनों को या तो पूरी तरह से रोका जाता है या रफ्तार बेहद कम कर दी जाती है। ऐसा संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किया जाता है।

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घना कोहरा ड्राइवर के सामने अंधेरे की दीवार की तरह होता है।

ऐसे में न सिग्नल ठीक से दिखते हैं, न ही ट्रैक की स्थिति। सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन को रोकना ही सही फैसला होता है।

कौन-कौन सी ट्रेनें होती हैं सबसे ज्यादा प्रभावित?
सुबह और रात की ट्रेनें
लंबी दूरी की एक्सप्रेस गाड़ियां
डेली पैसेंजर लोकल ट्रेनें
ग्रामीण व दूरदराज रूट्स की ट्रेनें, जहां ऑटोमैटिक सिग्नलिंग नहीं है
रेलवे द्वारा उठाए जा रहे उपाय
रेलवे ने कोहरे से निपटने के लिए कई तकनीकी उपाय भी किए हैं:

फॉग सेफ्टी डिवाइस (Fog Safety Device) का इस्तेमाल
लोको पायलटों को विशेष विंटर सेफ्टी प्रशिक्षण
ट्रेनों में फॉग लाइट्स और तेज सायरन का उपयोग
सिग्नलिंग सिस्टम की मैनुअल निगरानी
कंट्रोल रूम से नियमित अपडेट
यात्रियों को होती है परेशानी
कोहरे के कारण जब ट्रेनों का संचालन बाधित होता है, तो यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार, आरक्षण में अनिश्चितता, और अनावश्यक यात्रा विलंब जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
पर्यटक सीजन होने के कारण इस समय ट्रैफिक भी ज्यादा होता है, जिससे स्थिति और भी जटिल हो जाती है।

रेलवे की अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे कोहरे के मौसम में:

यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की वास्तविक स्थिति (Live Status) जरूर जांचें
रेलवे के हेल्पलाइन नंबर या ऐप का उपयोग करें
ट्रेन में यात्रा करते समय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें

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