शहीद एसपी अजय कुमार सिंह की पुण्यतिथि पर लोहरदगा ने किया नमन, अजय उद्यान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित
लोहरदगा: नक्सलियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए झारखंड के लोहरदगा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक शहीद अजय कुमार सिंह की पुण्यतिथि पर आज जिला प्रशासन और नागरिकों ने गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर लोहरदगा स्थित अजय उद्यान में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें डीसी, एसपी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, पुलिसकर्मी और आम नागरिक उपस्थित रहे।
वर्ष 2000 में एकीकृत बिहार के समय जब नक्सलवाद चरम पर था, तब एसपी अजय कुमार सिंह की लोहरदगा में पोस्टिंग हुई थी। उसी वर्ष पेशरार जंगल में एक नक्सली सूचना पर कार्रवाई के दौरान वे पूर्व से घात लगाए बैठे नक्सलियों के हमले में शहीद हो गए थे।
अजय उद्यान में गूंजा ‘अमर रहे’ का उद्घोष
अजय उद्यान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद अधिकारी को श्रद्धांजलि दी।
उनके माता-पिता भी विशेष रूप से बेगूसराय से लोहरदगा पहुंचे, और नम आंखों से अपने वीर पुत्र को याद किया।
सभा में “अजय कुमार सिंह अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
प्रशासन का संकल्प: शहीद के सपनों को करेंगे साकार
इस अवसर पर जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शहीद अजय कुमार सिंह की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने जिस साहस और समर्पण से नक्सलवाद का सामना किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। हम उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाएंगे और नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का प्रयास जारी रहेगा।
बेगूसराय से निकले, झारखंड की माटी में हुए अमर
बिहार के बेगूसराय जिले से ताल्लुक रखने वाले अजय कुमार सिंह भारतीय पुलिस सेवा के एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और साहसी अधिकारी थे। लोहरदगा में उनकी शहादत को दो दशक बीतने के बाद भी लोग नहीं भूले हैं।
आज भी वे झारखंड पुलिस के लिए प्रेरणा के स्तंभ हैं और उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता है।
स्थानीय लोगों ने दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा में आम नागरिकों, स्कूली बच्चों, समाजसेवियों और पुलिस बल के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
एक स्थानीय नागरिक ने कहा—शहीद अजय कुमार सिंह ने अपने प्राणों की आहुति देकर पूरे जिले को संदेश दिया कि कर्तव्य से बड़ा कोई धर्म नहीं। उनकी शहादत आने वाले अफसरों को रास्ता दिखाएगी।
