जमशेदपुर के कदमा फॉर्म एरिया में महिला ने फेसबुक लाइव पर की आत्महत्या
पति पर प्रताड़ना का आरोप, पुलिस ने लिया हिरासत में
जमशेदपुर : कदमा थाना क्षेत्र के फॉर्म एरिया में शुक्रवार की दोपहर एक महिला ने फेसबुक लाइव आकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान 28 वर्षीय मालती कुमारी के रूप में हुई है। उसने आत्महत्या से पहले फेसबुक लाइव में अपने पति सहदेव यादव पर लगातार प्रताड़ना का आरोप लगाया और उसे अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया।
जानकारी के अनुसार, मालती ने अपने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या की। घटना के समय वह घर पर अकेली थी। उसका पति ड्यूटी पर गया हुआ था और दोनों बच्चे स्कूल गए हुए थे। परिजनों ने तुरंत उसे टीएमएच ले जाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
फेसबुक लाइव में मालती ने पति की कथित कारस्तानियों और प्रताड़ना का जिक्र करते हुए साफ कहा कि मानसिक दबाव के कारण वह यह कदम उठा रही है। उसकी शादी करीब 12 साल पहले सहदेव यादव से हुई थी। सहदेव टाटा स्टील में ठेका कर्मचारी है। मालती का मायका गिरीडीह और ससुराल कोडरमा में है। वह पति और दो बच्चों के साथ कदमा फॉर्म एरिया के क्वार्टर में रहती थी।
घटना की सूचना मिलते ही मायके वाले जमशेदपुर पहुंचे और पति पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद पुलिस ने सहदेव यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शनिवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग सोशल मीडिया पर चर्चा कर रहे हैं कि किस तरह फेसबुक लाइव के जरिये महिला ने अपने दर्द को दुनिया के सामने रखा और फिर अपनी जान दे दी। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और पति की भूमिका को लेकर सभी बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है।
फेसबुक लाइव पर आत्महत्या : समाज के लिए चेतावनी
हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खासकर फेसबुक लाइव पर आत्महत्या करने के मामलों में इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम उठाने वाले लोग अंत तक अपने दर्द और गुस्से को दुनिया के सामने लाना चाहते हैं। लेकिन यह प्रवृत्ति समाज के लिए खतरनाक संदेश है।
मनोचिकित्सकों का कहना है कि घरेलू विवाद, प्रताड़ना, अवसाद और तनाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोग समय रहते परामर्श लें। परिवार और समाज को भी ऐसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए। पुलिस-प्रशासन ने भी अपील की है कि लोग मानसिक दबाव या पारिवारिक विवाद की स्थिति में आत्महत्या जैसा कदम न उठाएं, बल्कि कानूनी मदद और परामर्श का सहारा लें।
