वन्य जीव व हाथियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर रहें अधिकारी
उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर बैठक
वन, राजस्व, विद्युत व अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी रहे मौजूद
जमशेदपुर : वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को सख्त निर्देश दिया है कि जंगल और हाथी मार्ग वाले इलाकों में बिजली की तारें मानक ऊंचाई तक उठाई जाएं। जहाँ संभव हो वहाँ इंसुलेटेड केबल का प्रयोग किया जाए। बिजली के ढांचे को इस प्रकार बनाया जाए कि वह पूरी तरह वन्यजीव अनुकूल हो । राज्य सरकार के निर्देशानुसार गठित जिला स्तर की अनुश्रवण समिति कार्य प्रगति की निगरानी करेगी ।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वन्य जीवों और हाथियों की सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करें । वन विभाग के कर्मियों को हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में नियमित गश्ती करने, स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक करने और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया । जिन इलाकों में हाथियों की आवाजाही अधिक होती है, वहां मॉनिटरिंग तंत्र विकसित किए जाने पर चर्चा की गई।
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त की अध्यक्षता में मंगलवार को वन्यजीवों की सुरक्षा से संबंधित बैठक आयोजित हुई। वन प्रमंडल पदाधिकारी सबा आलम अंसारी, अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद, विद्युत विभाग के कार्यापालक अभियंता व अन्य संबंधित पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे । बैठक में विशेषकर हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजली की तारों और अन्य ढांचागत कारणों से वन्यजीवों को किसी प्रकार की क्षति नहीं होनी चाहिए। इसके लिए विभागीय स्तर पर ठोस और दीर्घकालिक समाधान लागू करना अनिवार्य है। बैठक में पूर्व के निर्देशों एवं सुधारात्मक उपायों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों और हाथियों की सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करें । वन विभाग के कर्मियों को हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में नियमित गश्ती करने, स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक करने और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया । जिन इलाकों में हाथियों की आवाजाही अधिक होती है, वहां मॉनिटरिंग तंत्र विकसित किए जाने पर चर्चा की गई।
