जमशेदपुर के तोमर सत्येंद्र का लोकगीत “अब न जाईब दीदिया के घरे” हुआ रिलीज़, सौम्या वर्मा की मासूम आवाज़ ने जीता दिल
तोमर सत्येंद्र का लोकगीत “अब न जाईब दीदिया के घरे” हुआ रिलीज़, सौम्या वर्मा की मासूम आवाज़ ने जीता दिल
मुंबई/कोलकाता। भोजपुरी लोकगीतों की परंपरा में एक और भावनात्मक रचना का जुड़ाव हुआ है। प्रसिद्ध गीतकार तोमर सत्येंद्र सिंह द्वारा लिखित लोकगीत “अब न जाईब दीदिया के घरे” को विंड भोजपुरी म्यूज़िक चैनल पर रिलीज़ कर दिया गया है। यह गीत न केवल भावनाओं से भरपूर है, बल्कि इसमें एक कम उम्र की लड़की की मासूम जिद को भी बेहद कोमलता से उकेरा गया है, जो अपनी बहन के ससुराल न जाने का आग्रह कर रही है।
इस गीत को अपनी सुमधुर आवाज़ से सजाया है मुंबई की जानी-मानी गायिका सौम्या वर्मा ने, जिन्होंने इसे पूरी मासूमियत के साथ गाया है, जिससे श्रोताओं को गीत की आत्मा तक पहुँचने का अवसर मिलता है। गीत का संगीत संयोजन पूर्णमासी हेला ने किया है, जबकि इसकी रिकॉर्डिंग कोलकाता के प्रकाश स्टूडियो में की गई।
गीत की रिलीज़ में योगेश मल्होत्रा का भी विशेष सहयोग रहा है, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को साकार रूप देने में अहम भूमिका निभाई। गीत की भावनात्मक गहराई, संगीत की मधुरता और गायिकी की मासूम अभिव्यक्ति इसे एक खास लोकगीत बनाती है, जो श्रोताओं के दिल को छू जाता है।
गीत के लेखक तोमर सत्येंद्र ने यह भी जानकारी दी कि छठ मैया पर आधारित उनका एक विशेष भजन भी जल्द ही रिलीज़ होने वाला है, जिसकी रिकॉर्डिंग मुंबई में जारी है। इस भजन को भी सौम्या वर्मा अपनी आवाज़ देंगी। ऑडियो रिकॉर्डिंग के बाद इसका वीडियो शूट जमशेदपुर में किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों के साथ कोलकाता की प्रसिद्ध कलाकार नीला सेनगुप्ता मुख्य भूमिका में नजर आएंगी।
भोजपुरी लोकसंगीत प्रेमियों के लिए यह एक और भावनात्मक भेंट है, जो पारंपरिक धुनों और आधुनिक प्रस्तुतिकरण के साथ एक नया आयाम जोड़ती है।
