टाटानगर रेलवे स्टेशन पार्किंग में शनिवार को गरीबों को मुफ्त भोजन
जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग व्यवस्था का संचालन कर रही कंपनी इन ऑन कंस्ट्रक्शन ने एक सराहनीय पहल की शुरुआत की है। जहां एक ओर कंपनी रेलवे स्टेशन की पार्किंग को अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस कर रही है। दूसरी ओर सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए सप्ताह में एक दिन भोजन वितरण कार्यक्रम भी शुरू किया है।
कंपनी ने पहले ही घोषणा की थी कि प्रत्येक शनिवार को स्टेशन परिसर के आसपास रहने वाले जरूरतमंद लोगों को एक समय का पौष्टिक भोजन नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इसी क्रम में शनिवार की रात्रि को रेलवे पार्किंग परिसर में भव्य रूप से भोग वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
करीब 500 लोगों के बीच वितरित हुआ भोग
शनिवार की रात आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 500 गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के बीच गर्म व स्वादिष्ट भोग वितरित किया गया। भोग वितरण का यह कार्य पूरी गरिमा और सेवा भाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भोजन का भरपूर आनंद लिया और कंपनी की इस पहल की सराहना की। भोजन वितरण स्थल पर काफी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे। कंपनी की ओर से कई स्वयंसेवकों को नियुक्त किया गया था, जिन्होंने पूरे आयोजन को व्यवस्थित और शांतिपूर्वक संपन्न कराया। कतारबद्ध तरीके से सभी को भोजन प्रदान किया गया, जिससे अव्यवस्था की कोई स्थिति नहीं बनी।
कंपनी की योजना : लगातार जारी रहेगा यह सेवा कार्य
इन ऑन कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई एकदिवसीय कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सेवा हर शनिवार को निरंतर जारी रहेगी। इसका उद्देश्य स्टेशन परिसर के आसपास रहने वाले ऐसे लोगों को राहत पहुंचाना है जो रोज़ाना पेट भर भोजन नहीं जुटा पाते।
हम मानते हैं कि समाज के प्रति हमारी भी कुछ ज़िम्मेदारियाँ हैं। इसलिए टाटानगर रेलवे स्टेशन की अत्याधुनिक पार्किंग सुविधा के साथ हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यहां के वंचित वर्ग को भी सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सहायता मिल सके। यह भोजन सेवा अभियान अब हर शनिवार को चलेगा।” इस नेक पहल को स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी सराहा। कई लोगों ने कहा कि यदि अन्य कॉन्ट्रैक्टर या कंपनियाँ भी इसी तरह समाज के प्रति अपने दायित्व को निभाएं तो एक बड़ा बदलाव संभव है।
यह सेवा कार्य जहां कंपनी के सामाजिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, वहीं रेलवे स्टेशन जैसी सार्वजनिक जगह पर इसे आयोजित करना एक अनुकरणीय प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि यह पहल आगे चलकर और भी बड़ा रूप लेगी और अधिक लोगों तक मदद पहुँचेगी।
