आनंद मार्ग सेमिनार आध्यात्मिक उत्थान पर केंद्रित है
मेदिनीनगर – आनंद मार्ग प्रचारक संघ ने नई मोहल्ला स्थित जागृति परिसर में वर्ष के अपने पहले क्षेत्रीय सेमिनार का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत गुरु श्री आनंदमूर्ति की तस्वीर पर पुष्पांजलि के साथ हुई।
उद्घाटन के दिन वरिष्ठ आनंद मार्गी देवनाथ दादा ने “श्रेया और प्रेया पथ” पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि श्रेय आध्यात्मिक विकास और शाश्वत खुशी का प्रतिनिधित्व करता है, जो व्यक्तियों को जीवन के सच्चे उद्देश्य की ओर ले जाता है। इसके विपरीत, प्रेया क्षणिक सुख और भौतिक लाभों से जुड़ा है, जो अक्सर अस्थिरता और असंतोष की ओर ले जाता है।
श्रेया का सार
देवनाथ दादा ने श्रेय पथ को अपनाने के महत्व पर जोर दिया, जो आध्यात्मिक शुद्धि को बढ़ावा देता है और सामाजिक और मानवीय कल्याण में योगदान देता है। उन्होंने कहा, “श्रेया आत्म-नियंत्रण, तपस्या और त्याग की प्रेरणा देता है, जिससे शांति और संतोष मिलता है।” उन्होंने श्रेया के आधारभूत अभ्यासों को रेखांकित किया, जिसमें यम, नियम, ध्यान, प्राणायाम और समाधि शामिल हैं।
भक्ति और भागीदारी
सेमिनार में पूजा और भजन-कीर्तन जैसी भक्तिपूर्ण गतिविधियाँ देखी गईं। विभिन्न क्षेत्रों से उपस्थित लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जो संगठन के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है।
भुक्ति प्रधान मधेश्वर, रामस्वरूप, बैजनाथ, लक्ष्मण सिंह और अन्य जैसे प्रमुख सदस्यों के साथ इस अवसर पर उपस्थित थे। देवनाथ ने जीवन को उच्च उद्देश्य की ओर बढ़ाने के लिए आध्यात्मिक अभ्यासों को अपनाने का आह्वान करते हुए समापन किया।
