केरल समाजम के छात्रों ने बैगलेस दिवस पर पर्यावरण-अनुकूल प्लांटर्स बनाए
कक्षा VI के छात्र नारियल शैल शिल्प गतिविधि के साथ बागवानी सीखते हैं
प्रमुख बिंदु:
- छात्र नारियल के छिलकों को सजावटी प्लांटर्स में बदलते हैं
- गतिविधि बच्चों में मृदा संरक्षण जागरूकता को बढ़ावा देती है
- स्कूल नेता पर्यावरण जागरूकता पहल का मार्गदर्शन करते हैं
जमशेदपुर – केरल समाजम मॉडल स्कूल छठी कक्षा के छात्रों के लिए अभिनव पर्यावरण-अनुकूल गतिविधि आयोजित करता है।
विद्यार्थियों ने व्यावहारिक बागवानी कौशल सीखे। उन्होंने प्राकृतिक सामग्रियों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया।
इसके अलावा, गतिविधि ने रचनात्मक सोच को बढ़ावा दिया। बच्चों ने अनोखे पर्यावरणीय दृष्टिकोण साझा किये।
सीखने का आरोप
इस दौरान शिक्षकों ने संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। छात्रों ने स्थिरता अवधारणाओं को समझा।
इसके अलावा, प्राकृतिक सामग्रियों को नया उद्देश्य मिला। नारियल के गोले खूबसूरत प्लांटर्स में तब्दील हो गए।
इसके अतिरिक्त, पर्यावरण-अनुकूल पेंट्स ने रचनात्मकता को बढ़ाया। विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट सोच-समझकर सजाए।
शैक्षणिक प्रभाव
इसके अलावा, सत्र ने इंटरैक्टिव लर्निंग को बढ़ावा दिया। विद्यार्थियों ने चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया।
इसके अलावा, गतिविधि से एकाग्रता के स्तर में सुधार हुआ। इसने शिक्षा को मनोरंजन के साथ जोड़ दिया।
इसके अलावा, व्यावहारिक कौशल पर ध्यान दिया गया। एक शिक्षक का कहना है, “हाथ से सीखना स्थायी प्रभाव पैदा करता है।”
नेतृत्व समर्थन
इस बीच, स्कूल के प्राचार्यों ने मजबूत मार्गदर्शन प्रदान किया। उनके प्रोत्साहन से विद्यार्थियों को प्रेरणा मिली।
इसके अलावा, यह पहल पर्यावरण जागरूकता पैदा करती है। युवा दिमाग स्थिरता की अवधारणाओं को अपनाते हैं।
