कांग्रेस की बैठक में उम्मीदवार चयन को लेकर विवाद
पार्टी की परामर्श प्रक्रिया के दौरान स्थानीय उम्मीदवार की मांग से हंगामा
प्रमुख बिंदु:
• स्थानीय उम्मीदवारों की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन से कांग्रेस की बैठक बाधित
• पर्यवेक्षक भीम कुमार ने अराजकता के बीच बंद कमरे में विचार-विमर्श किया
• वित्त मंत्री डॉ.रामेश्वर उरांव और सांसद सुखदेव भगत मौजूद
• पार्टी कार्यकर्ताओं ने “बाहरी” उम्मीदवारों के खिलाफ नारे लगाए
लोहरदगा – आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवार चयन पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस पार्टी की बैठक में उस समय अराजकता फैल गई जब पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय उम्मीदवारों की मांग की।
राजेंद्र भवन में आयोजित परामर्श बैठक में पार्टी पर्यवेक्षक भीम कुमार की मौजूदगी में गरमागरम विरोध प्रदर्शन हुआ।
इसके अलावा, वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव और सांसद सुखदेव भगत के समक्ष “बाहरी लोगों को हटाओ, स्थानीय उम्मीदवार लाओ” जैसे नारे भी गूंजे।
प्रदर्शनकारियों ने पार्टी से आग्रह किया कि वह लोहरदगा को बाहरी उम्मीदवारों के लिए “चारागाह” के रूप में देखना बंद करे।
हंगामे के बीच डॉ. उरांव ने कहा कि उम्मीदवार का चयन हाईकमान द्वारा गठित कमेटी करेगी।
इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान बैठक केवल परामर्श और चर्चा के लिए थी।
सांसद सुखदेव भगत ने स्थानीय उम्मीदवारों के प्रति भावना को स्वीकार किया तथा इसे पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने का वादा किया।
इसके अतिरिक्त, भगत ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी पैसे से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के पसीने से बनी है।
बाहर नारेबाजी जारी रहने के कारण पर्यवेक्षक भीम कुमार ने एक अलग कमरे में व्यक्तिगत परामर्श शुरू कर दिया।
इस बीच, बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान दो गुटों ने अपने पसंदीदा नेताओं के समर्थन में नारे लगाए।
सुबह 10:30 बजे शुरू होने वाली इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न मानदंडों के आधार पर संभावित उम्मीदवारों का मूल्यांकन करना था।
इन मानदंडों में पार्टी के प्रति समर्पण, निष्ठा, पार्टी कार्यक्रमों में भागीदारी और स्थिरता शामिल थी।
इसमें जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, राज्य प्रतिनिधि और ब्लॉक अध्यक्ष शामिल थे।
इसके अलावा, पार्टी टिकट के लिए इच्छुक सभी 11 उम्मीदवार बैठक में उपस्थित थे।
परामर्श प्रक्रिया झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की 2024 विधानसभा चुनावों की तैयारियों का हिस्सा है।
