जमशेदपुर में बाढ़: 24 घंटे में 101 मिमी बारिश
भारी बारिश के कारण बड़े पैमाने पर बाढ़ आई, आईएमडी ने और अधिक बारिश की भविष्यवाणी की
प्रमुख बिंदु:
• जमशेदपुर में 24 घंटे में 101 मिमी बारिश दर्ज की गई
• पश्चिम बंगाल पर गहरे दबाव के कारण मूसलाधार बारिश हो रही है
• आईएमडी ने उत्तर-पश्चिमी झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी दी
जमशेदपुर – मूसलाधार बारिश के कारण शहर में जलभराव हो गया है, जिससे दैनिक कामकाज बाधित हो गया है। ज़िंदगी झारखंड में मानसून के तेज होने के कारण…
जमशेदपुर में लगातार दूसरे दिन भी भारी बारिश जारी रही।
पिछले 24 घंटों में शहर में 101 मिमी बारिश हुई।
इस बीच, राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी भारी वर्षा हुई।
लातेहार में 106 मिमी, जबकि चाईबासा में 67 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया है, खासकर निचले इलाकों में।
इसके अलावा, नदियों का जल स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस मूसलाधार बारिश का कारण पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्र में बने गहरे दबाव को बताया है।
वर्तमान में यह मौसम प्रणाली जमशेदपुर से लगभग 170 किमी पूर्व में केंद्रित है।
इसके अलावा, 24 घंटे के भीतर कमजोर होकर दबाव में तब्दील होने से पहले और अधिक भारी बारिश होने की उम्मीद है।
समुद्र तल पर मानसून की द्रोणिका कई उत्तरी शहरों से होकर गुजर रही है।
इसके अतिरिक्त, यह दक्षिण-दक्षिणपूर्व से उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए, आईएमडी के रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने आगे भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
आज उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है।
दूसरी ओर, पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।
जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
जलभराव के कारण कई सड़कें चलने लायक नहीं रह गई हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है।
इसके अलावा, निचले इलाकों के निवासी बाढ़ से विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं।
कई स्थानों पर बारिश का पानी घरों में घुस गया है, जिससे कई परिवारों को परेशानी हो रही है।
स्थानीय अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं तथा नदी के जलस्तर पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।
स्वर्णरेखा और खरकई दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
