हेमंत सोरेन ने झारखंड में भर्ती और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती और फ्लाईओवर परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।
राज्य का लक्ष्य सितंबर 2024 तक 30,000 रिक्तियों को भरना है।
रांची – झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं और भर्ती प्रक्रियाओं की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने जन कल्याणकारी कार्यक्रमों के सुचारू संचालन और सफलता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के महत्व पर बल दिया।
भर्ती अभियान और पुलिस नियुक्तियाँ
मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने सभी चल रही भर्ती प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने बताया कि सितंबर 2024 तक विभिन्न सरकारी भूमिकाओं के लिए 30,000 व्यक्तियों को नियुक्त करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष रूप से 5,000 पुलिस कर्मियों और 583 आबकारी कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
एक अधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि आबकारी कांस्टेबलों की चयन प्रक्रिया जुलाई 2024 तक पूरी कर ली जाएगी और पुलिस भर्ती प्रक्रिया 15 अगस्त 2024 तक पूरी कर ली जाएगी।
फ्लाईओवर और स्मार्ट सिटी विकास जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।
बैठक में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विशेष रूप से रांची में फ्लाईओवर के निर्माण की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री सोरेन ने पथ निर्माण विभाग को सिरमटोली से मेकन चौक फ्लाईओवर के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाली सभी बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने शहरी विकास विभाग को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कांटाटोली फ्लाईओवर का निर्माण कार्य बिना किसी अनावश्यक देरी के समय पर पूरा हो।
स्मार्ट सिटी रांची
स्मार्ट सिटी रांची के संदर्भ में मुख्यमंत्री सोरेन ने ताज होटल और अपोलो अस्पताल के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
उन्होंने अधिकारियों से ताज होटल प्रबंधन के साथ मिलकर शीघ्र परियोजना योजना बनाने तथा अपोलो अस्पताल की स्थापना के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा।
पुलिस और जनता की सहभागिता में सुधार
मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने पुलिस अधिकारियों से रांची में पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने का अनुरोध किया। जमशेदपुरऔर धनबाद में आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके।
उन्होंने सुझाव दिया कि क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों को स्थानीय मुद्दों के समाधान के लिए जन शिकायत सत्र आयोजित करने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निवासियों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पुलिस की उपस्थिति बढ़ाने के महत्व पर प्रकाश डाला।
वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी
बैठक में मुख्य सचिव एल खियांग्ते, अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, डीजीपी अजय कुमार सिंह समेत कई महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद थे।
उनकी उपस्थिति ने इन निर्देशों को शीघ्रता एवं कुशलतापूर्वक क्रियान्वित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर किया।
