कोल्हान बंद से पहले नक्सली पोस्टरों से दहशत
कोल्हान बंद से पहले चक्रधरपुर में नक्सली पोस्टर देखे गए।
माओवादियों द्वारा पोस्टर और बैनर लगाए जाने से स्थानीय लोग चिंतित हैं।
चाईबासा – 10 जुलाई को कोल्हान बंद से पहले नक्सलियों ने पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में पोस्टरबाजी कर भय का माहौल पैदा कर दिया है।
मंगलवार को माओवादियों ने रंगामाटी इलाके में चक्रधरपुर-सोनुआ मुख्य सड़क पर पोस्टर और बैनर लगा दिए।
इस घटना से आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई है।
निवासियों को सुबह ये पोस्टर मिले, जिन पर संदेश लिखे थे। भाकपा (माओवादी) नक्सलवादी.
पोस्टर की सामग्री
पोस्टरों पर लिखा था, “कोलहान सारंडा लिपुंगा के शहीदों को लाल सलाम। खून का बदला खून है।”
पोस्टरों पर सीपीआई (माओवादी) की दक्षिण क्षेत्रीय समिति के हस्ताक्षर थे।
यह संदेश स्पष्ट रूप से चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों का विरोध करता है।
ये पोस्टर रंगामती बाजार और जेनाबेडा के प्राथमिक विद्यालय के पास पाए गए, जिससे स्थानीय लोगों में खलबली मच गई।
निरंतर नक्सल विरोधी अभियान
सुरक्षा बल कोल्हान और सारंडा जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं।
इन अभियानों से नक्सली गतिविधियों में काफी कमी आई है।
हाल ही में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में छह नक्सलियों को मार गिराकर नक्सलियों के खिलाफ महत्वपूर्ण जीत हासिल की।
इसके जवाब में, सीपीआई (माओवादी) ने 10 जुलाई को कोल्हान प्रमंडल में बंद का आह्वान किया है।
बंद की सफलता सुनिश्चित करने के लिए नक्सलियों ने पोस्टर लगाने का सहारा लिया है।
मुठभेड़ के बाद की स्थिति
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने कई नक्सली बंकरों को नष्ट कर दिया तथा विस्फोटक और हथियार जब्त कर लिए।
सुरक्षा बलों की लगातार सफलता के कारण चरमपंथी समूह रक्षात्मक मुद्रा में दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों का अनुमान है कि सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण नक्सली पोस्टर गतिविधियों में वृद्धि हुई है।
