झारखंड पुलिस ने लोकसभा चुनाव के बाद नई कार्ययोजना तैयार की
अपराध नियंत्रण, नक्सल उन्मूलन और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने पर ध्यान केंद्रित
लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद झारखंड राज्य पुलिस ने राज्य में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने की शुरुआत कर दी है।
रांची – पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
पुलिस महानिदेशक ने राज्य में शांतिपूर्ण लोकसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने, वारंट तामील, जांच अद्यतन, अपराध नियंत्रण, पोक्सो एक्ट मामलों की निगरानी, अवैध खनन, ड्रग्स और शराब आदि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
नक्सलवाद का मुकाबला करना और माओवादी ठिकानों की पहचान करना
बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में समय के साथ आई उल्लेखनीय कमी पर प्रकाश डाला गया तथा राज्य पुलिस और केन्द्रीय बलों के प्रयासों की सराहना की गई।
पुलिस महानिदेशक ने शेष बचे माओवादियों के खिलाफ ठोस रणनीति और प्रभावी अभियान की आवश्यकता पर बल दिया तथा स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने तथा सटीक खुफिया जानकारी जुटाने के महत्व पर बल दिया।
झारखंड पुलिस केंद्रीय बलों के साथ समन्वय करके नक्सलियों के खिलाफ योजनाबद्ध अभियान चला रही है और उन्हें राज्य से नक्सलियों के सफाए के लिए चौतरफा कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में माओवादी ठिकानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, साथ ही वामपंथी उग्रवाद परिदृश्य की समीक्षा करने, उग्रवादियों की संपत्ति जब्त करने तथा फरार नक्सली कमांडरों के विरुद्ध पुरस्कार घोषित करने के निर्देश दिए गए।
अपराध नियंत्रण और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई
पुलिस महानिदेशक ने संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और लंबे समय से लंबित मामलों के तेजी से निपटारे की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने सभी जिलों में आपराधिक गिरोहों और उनके सदस्यों की सूची तैयार करने, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और जेल में बंद अपराधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए।
क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षकों को जमानत पर रिहा अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने, सीसीए प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने तथा अंतर-जिला एवं अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोहों के सदस्यों पर नकेल कसने का निर्देश दिया गया।
बार-बार अपराध करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा उनके नाम दूषित रजिस्टर में दर्ज करने पर जोर दिया गया।
अवैध खनन, ड्रग्स और शराब पर अंकुश लगाना
पुलिस महानिदेशक ने कोयला, लोहा, रेत और पत्थर के संगठित अवैध उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मादक पदार्थ एवं अवैध शराब के नेटवर्क में संलिप्त अपराधियों का पता लगाने, अवैध खनन को रोकने के लिए टास्क फोर्स द्वारा लगातार छापेमारी करने तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधिकारियों को अवैध शराब की रोकथाम के लिए तैयार रोडमैप का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा जिला स्तर पर अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए।
मामलों के शीघ्र निपटारे और नई न्यायिक संहिता के कार्यान्वयन पर जोर
बैठक में पुराने लंबित मामलों और महिलाओं के विरुद्ध अपराध जैसे बलात्कार, पोक्सो और उत्पीड़न के मामलों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया गया।
पुलिस महानिदेशक ने एक जुलाई से लागू होने वाली नई भारतीय न्यायिक संहिता को लागू करने में आने वाली चुनौतियों के मद्देनजर विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न जिलों के वरिष्ठ अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए।
