मानगो नगर निगम के चुनाव प्रचार में खूब छलक रहे प्रत्याशियों के आंसू
जमशेदपुर : भारतीय चुनाव प्रचार में नेताओं द्वारा भावुक होकर आंसू बहाना जनता से सीधे जुड़ने और सहानुभूति हासिल करने की एक पुरानी रणनीति है, जिसे अक्सर सत्ता में आने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे मौके तब आते हैं जब नेता जनता से मिल रहे स्नेह या किसी मार्मिक मुद्दे का ज़िक्र करते हैं।
हम चर्चा कर रहे हैं मानगो नगर निगम के चुनाव प्रचार का। पहली बार हो रहे इस चुनाव में उम्मीदवार अपनी हैसियत, कूटनीति और प्रभाव का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। यूं तो विधायक और सांसद का भी चुनाव होता है लेकिन इस चुनाव में सत्ता पर काबिज होने के लिए उम्मीदवार ही नहीं उनके परिजन भी पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
हालत यह है कि प्रत्याशी जनसंपर्क अभियान के दौरान आंसू भी छलका रहे हैं। मतदाता या सामने वाले पर कितना असर पड़ेगा यह ताे भविष्य में पता चलेगा पर वोटरों में इस खूब चर्चा हो रही है।
मेयर सीट को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच रविवार को जहां कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व ने शाइस्ता परवीन उर्फ जेबा खान को पार्टी से निष्कासित कर दिया. मीडिया से बातचीत करते हुए उनकी आंखें डबडबा गईं।
सोमवार को जेबा खान के भी आंसू खूब छलके. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नक केवल पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता बल्कि कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। कहा कि पार्टी ने उनके साथ न्याय नहीं किया है।
वैसे समर्पित कार्यकर्ता जिन्होंने पूरी जिंदगी कांग्रेस की सेवा में बिता दी, उन्हें पार्टी से निष्कासित कर एक ऐसे नेता को समर्थन दिया जिनकी विचारधारा पार्टी लाइन से अलग है और केवल मतलब की राजनीति की है।
जेबा खान ने कहा कि अभी भी वह पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में डंटी हैं और मानगो की जनता ही उनके साथ न्याय करेगी.
इसी तरह कांग्रेस नेता और झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने एक चुनावी मंच पर आंसू बहाकर मेयर सीट पर अपनी पत्नी के पक्ष में माहौल बनाने का काम किया. इसी तरह वे मानगो में पुराने कांग्रेस नेता उपेन्द्र सिंह मस्तान से मुलाकात के दौरान सिसकने लगे।
बहरहाल मानगो नगर निगम चुनाव में आंसू बड़ा रोल निभा रही है. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्षेत्र की जनता किसके आंसुओं का हिसाब करती है.
वैसे EVERY THING IS FAIR IN LOVE, WAR AND POLITICS.
