झारखंड के गिरिडीह और दुमका में बनेंगे दो नये चिड़ियाघर : उपाध्याय
वन्य जीव सप्ताह-2025 के समापन समारोह में बोले पीसीसीएफ
जमशेदपुर वन प्रभाग व टाटा स्टील ने संयुक्त रूप से किया आयोजन
जमशेदपुर : प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) परितोष उपाध्याय ने घोषणा की है कि जल्द ही राज्य में दो नये चिड़ियाघर बनाये जाएंगे। इनमें से एक गिरिडीह और दूसरा दुमका में बनेगा। साथ ही पलामू टाइगर रिजर्व के पास एक टाइगर सफारी भी बनेगी। वे रविवार को जमशेदपुर वन प्रभाग और टाटा स्टील की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित वन्य जीव सप्ताह 2025 के समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इससे वन्यजीव शिक्षा और आउटरीच को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने में ऐसे आयोजनों के महत्व पर बल दिया और जमशेदपुर वन प्रभाग और टाटा स्टील जूलॉजिकल सोसाइटी के सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण को लेकर शिक्षा प्रदान करने और जागरूकता बढ़ाने में चिड़ियाघरों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने यह भी घोषणा की कि राज्य में वन्यजीव शिक्षा और आउटरीच को और मजबूत करने के लिए झारखंड में जल्द ही दो नए चिड़ियाघर और एक टाइगर सफारी होगी। उन्होंने संरक्षण के मुद्दों पर सामुदायिक जागरूकता पैदा करने के निरंतर प्रयासों के लिए टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क की सराहना की। उन्होंने इस मौके पर विभिन्न गतिविधियों के विजेताओं में पुरस्कार वितरित किए।
वन्यजीव सप्ताह समारोह 2025 का समापन समारोह के अवसर पर टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में स्कूली बच्चों के लिए एक ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस वर्ष का समारोह जमशेदपुर वन प्रभाग और टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के उप निदेशक एवं प्रभारी अधिकारी डॉ. नईम अख्तर ने वन्यजीव सप्ताह समारोह को सफल बनाने में योगदान के लिए विशिष्ट अतिथियों, वन विभाग के अधिकारियों और टाटा स्टील जूलॉजिकल सोसाइटी के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एसआर नतेशा, जमशेदपुर डीएफओ सबा आलम अंसारी, टाटा स्टील जूलॉजिकल सोसाइटी के सदस्य प्रणय सिन्हा, विकास कुमार और राहुल कुमार भी उपस्थित थे। सप्ताह भर चले इस कार्यक्रम की शुरुआत तीन अक्टूबर को गजराज के लिए सैर नामक वॉकथॉन से हुई थी।
