जमशेदपुर में दुर्गा पूजा की तैयारी जोरों पर, बाजारों में उमड़ी भीड़, युवतियों में दिखा खास क्रेज
जमशेदपुर। पूर्वी भारत के सबसे चर्चित पर्वों में से एक दुर्गा पूजा को लेकर जमशेदपुर में इस बार जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
महालया के बाद से ही शहर का माहौल पूरी तरह से त्योहारी रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है।
खासकर युवतियों और महिलाओं में खरीदारी और पूजा की तैयारियों को लेकर गजब का जोश देखा जा रहा है।
बाजारों में भारी भीड़, दुकानों में ग्राहकों की लंबी कतारें
शहर के प्रमुख बाजारों—बिष्टुपुर, साकची, सोनारी, कदमा और जुगसलाई में इन दिनों लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
परिधानों, ज्वेलरी, कॉस्मेटिक्स और पूजा सामग्री की दुकानों में ग्राहकों की लंबी कतारें लग रही हैं। व्यापारी भी ग्राहकों की इस भीड़ को देखकर उत्साहित हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार बिक्री पिछले वर्षों के मुकाबले कई गुना बेहतर होगी।
इस बार जीएसटी की दरों में कुछ राहत मिलने के कारण कपड़े, सजावटी सामग्री और फैशनेबल वस्त्रों की कीमतें थोड़ी कम हुई हैं।
इसका सीधा लाभ ग्राहकों को मिल रहा है और यही वजह है कि बाजार में रौनक कई गुना बढ़ गई है।
दुकानदारों के अनुसार, इस बार खासकर युवतियों की ओर से फैंसी सूट, इंडो-वेस्टर्न ड्रेस, कांजीवरम और चिकनकारी साड़ियां, के साथ-साथ ऑक्सीडाइज्ड और टेंपल ज्वेलरी की जबरदस्त मांग देखी जा रही है।
पंडालों की थीम और सजावट पर ज़ोर, दिन-रात काम में जुटीं पूजा समितियां
पूरे शहर में दुर्गा पूजा की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। पंडालों की थीम इस बार खास रहने वाली है। विभिन्न पूजा समितियां ऐतिहासिक, पौराणिक और सामाजिक संदेशों पर आधारित थीमों को चुन रही हैं।
कुछ प्रमुख पूजा समितियां कोलकाता की प्रसिद्ध कारीगर टीमों को भी काम पर लगा चुकी हैं।
लाइटिंग, डेकोरेशन और मूर्तियों को लेकर इस बार कई समितियां आधुनिक तकनीक और पारंपरिक कला का सुंदर मिश्रण पेश करने वाली हैं।
बिष्टुपुर दुर्गा पूजा समिति, साकची झंडा चौक, सोनारी कबीरनगर, टेल्को फोक्स स्कूल और कदमा के पूजा पंडाल इस बार भी चर्चा में हैं।
लगातार बारिश ने बढ़ाई चिंता, लेकिन नहीं टूटा उत्साह
हालांकि बीते कुछ दिनों से शहर में लगातार हो रही बारिश ने लोगों को थोड़ी चिंता में डाल दिया है।
विशेषकर युवाओं को डर है कि यदि दुर्गा पूजा के दौरान भी बारिश नहीं थमी तो पंडाल घूमना, डांडिया नाइट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है।
फिर भी, मौसम की आशंका के बावजूद, तैयारियों और उत्साह में कोई कमी नहीं है। दुकानदारों से लेकर पंडाल बनाने वाले कारीगर तक, हर कोई समय पर काम पूरा करने में जुटा है।
सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर प्रशासन भी अलर्ट
हर साल की तरह इस बार भी जमशेदपुर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा को लेकर पुख्ता तैयारियां की जा रही हैं।
भीड़भाड़ वाले बाजारों और पंडाल स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), महिला सुरक्षा बल और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की योजना बनाई जा रही है।
डीएसपी स्तर के अधिकारी खुद हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वहीं, ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए एक्स्ट्रा पार्किंग स्पॉट, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक रूट तय किए जा रहे हैं।
पंडालों में दिखेगा परंपरा और तकनीक का संगम
कई पूजा समितियों ने इस बार अपने पंडालों में LED लाइट शो, एनीमेटेड मूर्तियाँ, म्यूजिकल झांकियाँ और QR कोड स्कैन के जरिए पूजा की जानकारी जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया है।
वहीं पारंपरिक ढोल-नगाड़े, सिंदूर खेला, कुमारी पूजा जैसे आयोजनों की भी जोरदार तैयारी चल रही है।
ग्राहकों की जुबानी
नेहा कुमारी, जो कदमा की रहने वाली हैं, कहती हैं कि इस बार मार्केट में बहुत अच्छे कलेक्शन आए हैं। जीएसटी में कटौती से भी थोड़ी राहत मिली है, खासकर साड़ियों और सूट की कीमतें किफायती हैं। पूजा में पहनने के लिए हमने पहले ही खरीदारी कर ली है।”
अमित वर्मा, जो साकची में रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान चलाते हैं, बताते हैं कि इस बार मार्केट में रौनक है। लोग सजधज कर आ रहे हैं, साथ ही खरीदारी भी कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि बिक्री इस बार अच्छी होगी।
