बाढ़ व जलजमाव से बेहाल जमशेदपुर,जन समस्याओं को लेकर कांग्रेस का JNAC पर हल्ला बोल, उप नगर आयुक्त से जवाबदेही की मांग
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी ने जमशेदपुर के बाढ़ और जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों की उपेक्षा को लेकर जमकर नाराजगी जताई।
जिलाध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार से मुलाकात की मांग की, लेकिन अधिकारियों की बेरुखी और संवादहीनता से क्षुब्ध होकर कांग्रेस प्रतिनिधि धरने पर बैठ गए।
जब प्रतिनिधिमंडल पूर्व निर्धारित समय पर उप नगर आयुक्त के कार्यालय पहुंचा, तो उन्हें ‘साहब व्यस्त हैं’ कहकर बाहर रोक दिया गया।
इससे आक्रोशित कांग्रेस नेताओं ने जमीन पर ही धरना दे दिया। कुछ देर बाद, स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उप नगर आयुक्त स्वयं मौके पर पहुंचे और बातचीत के लिए प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया।
जिला कांग्रेस ने JNAC के समक्ष बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित इलाकों में सफाई, कीटनाशक छिड़काव, नालियों की सफाई, और कचरा प्रबंधन जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया। आनंद बिहारी दुबे ने साफ कहा कि आम जनता लगातार परेशान है और स्थानीय निकाय संवेदनहीन बना हुआ है, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
प्रमुख प्रभावित क्षेत्र
बारीडीह बस्ती, भोजपुर कॉलोनी, नागाडुंगरी, नंदनगर, भुइयाडीह, नेहरू कॉलोनी, काशीडीह बगान, शास्त्रीनगर (ब्लॉक 1 से 5), रामनगर, ग्रीनपार्क, वैकुंठनगर, संकोसाई, कुंवर बस्ती, दाईगुट्टू, चाणक्यपुरी, वर्मामाइंस, झगड़ू बगान, जेम्को आजाद बस्ती, चुना भट्टा, हिंद कुष्ठ आश्रम और मनीफिट चौक सहित कई क्षेत्रों में घरों में पानी घुसने और सड़कों पर जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है।
उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने मौके पर ही टीम भेजने और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द हल नहीं निकला, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
जनता की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं, कांग्रेस का अल्टीमेटम
जिलाध्यक्ष दुबे ने कहा, “कांग्रेस जनहित के सवालों पर हमेशा संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। सिस्टम की लापरवाही और जनता की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
मौजूद रहे वरिष्ठ नेता
आनंद बिहारी दुबे, सुखदेव सिंह मल्ली, जसवंत सिंह जस्सी, अशोक सिंह, देबु चटर्जी, धर्मा राव, गुरदीप सिंह, नलिनी सिन्हा, विनोद यादव, सुरेन्द्र शर्मा, राजकिशोर प्रसाद, चिन्ना राव, बबुआ झा, हरिहर प्रसाद, राजेश कुमार, सतीश कुमार, संजय कुमार, प्रितपाल सिंह, शमशेर आलम, रंजीत सिंह, कुमार गौरव, सन्नी सिंह, निखिल कुमार, सुनीता मिश्रा सहित कई नेता इस संघर्ष में शामिल रहे।
