जमशेदपुर में भोजपुरी दिवस और कबीरदास जयंती मनाई गई
अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन में कवि संत का सम्मान, भाषा संवर्धन पर चर्चा
साहित्यिक समागम में सांस्कृतिक समारोहों के साथ भोजपुरी के भविष्य के लिए रणनीतिक योजना का संयोजन किया गया है।
जमशेदपुर – अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन की झारखंड शाखा ने शनिवार को तुलसी भवन के प्रयाग हॉल में भोजपुरी दिवस और कबीरदास जयंती मनाई।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और कबीरदास को पुष्पांजलि के साथ हुई, जिसके बाद माधवी उपाध्याय ने अपना उद्घाटन गीत प्रस्तुत किया।
प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. प्रसेनजीत तिवारी ने कार्यवाही शुरू करने के लिए स्वागत भाषण दिया।
बैठक में रचनात्मक पहल और भोजपुरी अकादमी के लिए पैरवी सहित प्रमुख एजेंडों पर चर्चा की गई।
डॉ. संध्या सिन्हा ने सत्र के दौरान “कबीरदास: भोजपुरी के प्रथम कवि” पर प्रस्तुति दी।
कविता पाठ में लगभग 20 कवियों ने भोजपुरी कविताएं, गीत और ग़ज़लें प्रस्तुत कीं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ओझा ने भोजपुरी के विकास के लिए विचार साझा किए।
इस कार्यक्रम में डॉ. संध्या सिन्हा द्वारा संपादित लोकगीत विशेषांक “अंगना” का लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अरुण कुमार तिवारी ने की, संचालन दिवेन्दु त्रिपाठी ने किया।
प्रतिभागियों ने झारखंड में भोजपुरी को मजबूत करने के लिए रचनात्मक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
इस सम्मेलन में भोजपुरी की समृद्ध साहित्यिक परंपराओं को प्रदर्शित किया गया तथा इसके भविष्य के विकास की योजना भी बनाई गई।
यह उत्सव भोजपुरी भाषा और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए चल रहे प्रयासों को रेखांकित करता है।
