टाटा स्टील ने जे एन टाटा को उनकी 183वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी
इस वर्ष के संस्थापक दिवस का थीम है “लाइफ@टाटास्टील – एक ऐसे कल का निर्माण करें, जिसके आप हकदार हैं”
जमशेदपुर: टाटा स्टील ने आज अपने संस्थापक जमशेदजी नसरवानजी टाटा को उनकी 183वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी, जिन्हें ‘भारतीय उद्योग के पितामह’ के रूप में भी जाना जाता है। संस्थापक दिवस के रूप में मनाया जाने वाला यह प्रमुख कार्यक्रम, हर साल जमशेदपुर में 3 मार्च को आयोजित किया जाता है, जो सामुदायिक कल्याण को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक भविष्य के निर्माण के प्रति संस्थापक की दूरदर्शिता को श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
जमशेदपुर में आयोजित आज के कार्यक्रम में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और टाटा स्टील के सीईओ तथा एमडी टी वी नरेंद्रन ने शिरकत की। इस अवसर पर कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही यूनियन के सदस्य भी उपस्थित थे।
बिस्टुपुर पोस्टल पार्क में जमशेदपुर के नागरिकों को संबोधित करते हुए एन चंद्रशेखरन ने कहा: “जमशेदपुर के नागरिकों ने हमेशा से टाटा स्टील और टाटा समूह को समर्थन दिया है। जिस तरह से लोगों ने कोविड महामारी के दौरान एक साथ मिलकर काम किया, यह उस मूल्य प्रणाली का एक प्रमाण है जो हमारे संस्थापक द्वारा बहुत लंबे समय से समूह में स्थापित किया गया है। ”
“उत्पादन और वित्तीय प्रदर्शन के मामले में टाटा स्टील का अपने इतिहास में अब तक सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है; यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। कंपनी के पास बहुत ऊर्जावान, जीवंत और कुशल कार्यबल है। यह प्रगति, प्रदर्शन और आकांक्षा को खूबसूरती से मिश्रित करता है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उद्देश्य के साथ करता है और हर बार समाज के लिए कुछ करने की आवश्यकता होने पर अपना हाथ बढ़ाने से पीछे नहीं हटता है। टाटा समूह हर तरह से टाटा स्टील के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि इस दशक के दौरान भारत में 20 एमएनटीपीए की मौजूदा क्षमता दोगुनी होने जा रही है।“
इस वर्ष के संस्थापक दिवस का थीम है “लाइफ@टाटास्टील – एक ऐसे कल का निर्माण करें, जिसके आप हकदार हैं”, यह थीम टाटा स्टील में जीवन का एक प्रतिबिंब है जहां पेशा के साथ जुनून है, महत्वाकांक्षा के साथ करुणा भी है और काम के साथ फुर्सत के पलों का आनंद भी है और टाटा स्टील में एक ऐसे कार्यस्थल का निर्माण कर रहें हैं जहां लोग अपने और दुनिया के लिए एक बेहतर कल का निर्माण करने के लिए आज सामंजस्यपूर्ण तरीके से काम करते हैं। जे एन टाटा ने 1870 के दशक में मध्य भारत में एक कपड़ा मिल के साथ अपनी उद्यमशीलता की यात्रा शुरू की थी। उनकी दूरदर्शिता ने भारत में इस्पात और बिजली उद्योग को प्रेरित किया, तकनीकी शिक्षा की नींव रखी और देश को औद्योगिक राष्ट्रों की श्रेणी में शामिल होने में मदद की। जमशेदपुर वर्क्स के अंदर स्टीलेनियम हॉल में इस वर्ष की प्रदर्शनी इसी थीम पर आधारित थी।
हर साल की तरह, जमशेदपुर में लगभग 40 ऐतिहासिक स्थलों – हेरिटेज बिल्डिंग्स, धार्मिक स्थलों, दर्जनों गोल चक्कर आदि को रोशन किया गया है। जमशेदपुर के जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आज वार्षिक खेल गतिविधियां भी आयोजित की गईं। हालाँकि, ये गतिविधियां दौड़, लांग जंप और रेस वॉक जैसे “नो कॉन्टैक्ट” खेलों तक ही सीमित थी। कर्मचारियों और अन्य लोगों के लिए जमशेदपुर वर्क्स में आयोजित समारोह का सीधा प्रसारण किया गया।
2 मार्च, 2022 को एन चंद्रशेखरन द्वारा टी वी नरेंद्रन की उपस्थिति में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। इनमें जमशेदपुर वर्क्स में इंटीग्रेटेड सिंटर प्लांट ऑपरेशन सेंटर (i-SPOC), टाटा स्टील कलिंगानगर में पेलेट प्लांट और कोल्ड रोलिंग मिल के पहले इक्विपमेंट के रिमोट ट्रायल का वर्चुअल उद्घाटन, जमशेदपुर वर्क्स में टाटा पावर द्वारा रूफटॉप सोलर प्लांट्स का शिलान्यास समारोह और कदमा-सोनारी लिंक रोड के साथ फिटनेस एवेन्यू का उद्घाटन शामिल था। उन्होंने जुबली पार्क में संस्थापक की प्रतिमा में भी लाइटिंग का उद्घाटन किया। चेयरमैन ने जमशेदपुर वर्क्स में टाटा वर्कर्स यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी मुलाकात की।
इसी तरह, देश भर में टाटा स्टील के अन्य स्थानों और कार्यालयों में संस्थापक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कलिंगानगर प्लांट में आयोजित कार्यक्रम में मार्च-पास्ट और संस्थापक को पुष्पांजलि दी गई। ओडिशा के ढेंकनाल जिले में टाटा स्टील के मेरामंडली प्लांट को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया था और इस अवसर पर खेल विभाग द्वारा बच्चों और कर्मचारियों के बीच एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था।
सभी कार्यकमों के दौरान कोविड -19 उचित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि सभी हितधारकों को जेएन टाटा को श्रद्धांजलि देने के लिए पर्याप्त अवसर मिले।
