MAMTA BANERJEE REFUSES TO RESIGN हार के बाद भी इस्तीफे से इनकार, ममता बनर्जी के रुख से सियासी घमासान
कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने 15 साल पुरानी तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया है। मंगलवार (5 मई 2026) को घोषित परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने 207 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया, जबकि टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई। अपनी करारी हार और भवानीपुर सीट से 15 हजार से अधिक वोटों से पराजय के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है।
कोलकाता में आयोजित प्रेस वार्ता में ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को “साजिश” और “लोकतंत्र की हत्या” बताया। उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे चुनाव में प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। उनका दावा है कि चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए गए और मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर लाखों वोट काटे गए।
मुख्यमंत्री ने ईवीएम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के बाद भी मशीनों में अत्यधिक बैटरी चार्ज रहना संदेह पैदा करता है। साथ ही, केंद्रीय बलों के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने कहा कि इससे मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया गया। अपनी हार को नकारते हुए ममता ने कहा कि “नैतिक रूप से जीत टीएमसी की ही हुई है” और वह विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने का काम जारी रखेंगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिना इस्तीफे के सत्ता हस्तांतरण कैसे होगा। संवैधानिक विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्यमंत्री का इस्तीफा न देना राजनीतिक विरोध हो सकता है, लेकिन इससे सरकार गठन की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा। संविधान के अनुच्छेद 172 के तहत वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होते ही मौजूदा सरकार स्वतः समाप्त मानी जाएगी।
वहीं अनुच्छेद 164 के अनुसार, मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद राज्यपाल के ‘प्रसादपर्यंत’ पद पर बने रहते हैं। नई विधानसभा के गठन की अधिसूचना जारी होने के बाद राज्यपाल नई बहुमत वाली पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे। जरूरत पड़ने पर राज्यपाल निवर्तमान मुख्यमंत्री को पद से हटा भी सकते हैं।
उधर, भाजपा खेमे में सरकार गठन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्टी जल्द ही विधायक दल के नेता का चयन करेगी। भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। संभावना है कि 9 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है, जिसे लेकर पार्टी में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
