टाटानगर में ट्रेनों की देरी पर बढ़ा विरोध
यात्री ट्रेनों की लेट-लतीफी से रोजाना यात्रियों की परेशानी बढ़ी
मुख्य बिंदु:
- यात्री ट्रेनें 4 से 5 घंटे देरी से पहुंच रहीं
- मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने का आरोप
- हस्ताक्षर अभियान से आंदोलन तेज करने की तैयारी
जमशेदपुर – टाटानगर स्टेशन पर ट्रेनों की देरी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं और विरोध तेज होने लगा।
टाटानगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की देरी लगातार बढ़ रही है। हालांकि इससे दैनिक यात्रियों की परेशानी गंभीर हो गई है।
चाईबासा और चांडिल से आने वाली ट्रेनें देर से पहुंच रही हैं। दूसरी ओर ये ट्रेनें सामान्य समय से कई घंटे पीछे चल रही हैं।
पहले ये दूरी आधे घंटे में पूरी होती थी। हालांकि अब यात्रियों को 4 से 5 घंटे इंतजार करना पड़ता है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि रोजाना हजारों लोग इस रूट पर सफर करते हैं। हालांकि देरी के कारण कामकाजी लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
इस मुद्दे पर स्थानीय विधायक सरयू राय ने कड़ा रुख दिखाया है। दूसरी ओर उन्होंने रेलवे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि मालगाड़ियों को ज्यादा प्राथमिकता मिल रही है। हालांकि यात्री ट्रेनों को लंबे समय तक रोका जा रहा है।
उधर उन्होंने इसे आम जनता के साथ अन्याय बताया है। हालांकि इस स्थिति में सुधार की मांग तेज हो गई है।
विधायक ने चेतावनी दी कि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन बढ़ेगा। दूसरी ओर उन्होंने हस्ताक्षर अभियान की घोषणा की है।
वे समर्थकों के साथ स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म पर जाएंगे। हालांकि वहां यात्रियों से उनकी समस्याएं भी पूछी जाएंगी।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि रेलवे ने पहले सुधार का आश्वासन दिया था। हालांकि दूसरे राज्यों से आने वाली ट्रेनें अब भी लेट हैं।
उधर जेडीयू ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है। हालांकि इससे मामला और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।


