खामेनई के मारे जाने के विरोध में जमशेदपुर में भी उबाल, महिलाओं-पुरुषों ने निकाला कैंडल मार्च
जमशेदपुर : ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित हत्या के विरोध में भारत में शिया समुदाय द्वारा 1 मार्च 2026 को कश्मीर से लेकर लखनऊ, दिल्ली, जमशेदपुर और कर्नाटक तक जोरदार प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी कीकाले झंडे दिखाए और कैंडल मार्च निकालकर शोक प्रकट किया।
ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामेनई की कथित हत्या के विरोध में जमशेदपुर में आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार रात करीब 7:30 बजे मुस्लिम समाज की महिलाओं और पुरुषों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
महिलाओं का कैंडल मार्च मानगो चौक से ऐनी हुसैन और तहजीब रिजवी के नेतृत्व में और शास्त्री नगर से रईस रिजवी व मून रिजवी के नेतृत्व में अलग-अलग शुरू हुआ, जो आगे चलकर साकची गोलचक्कर पर आकर एकत्रित हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने इज़रायल और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को “गुंडागर्दी” बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सभी लोग एकजुट होकर इसके खिलाफ आवाज बुलंद करें।
प्रदर्शन के दौरान एक मस्जिद के पेश इमाम मौलाना जकी हैदर ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि खामेनई की शहादत से ईरान खत्म नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा, “इंशाल्लाह ईरान की जीत होगी और अब वक्त आ गया है कि फिलिस्तीन को आज़ाद कराया जाए।”
वहीं प्रदर्शन में शामिल ऐनी हुसैन ने कहा कि ईरान परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल केवल शांतिपूर्ण कार्यों के लिए कर रहा है और उसका परमाणु बम बनाने का कोई इरादा नहीं है। इसके बावजूद अमेरिका और इज़रायल परमाणु हथियारों का बहाना बनाकर ईरान पर हमले कर रहे हैं, जिसका हर स्तर पर विरोध होना चाहिए। बाबर खान ने कहा कि अमेरिका की दादागिरी नहीं चलने दी जाएगी इसे हर हाल में खत्म किया जाएगा।
यह कैंडल मार्च हुसैनी मिशन के बैनर तले मोमनीन जमशेदपुर की तरफ से आयोजित किया गया। प्रदर्शन में मुनीर हसन, रईस रिज़वी, कमर हैदर, राशिद रिज़वी, मोहम्मद राशिद, इनाम अब्बास, बाबर खान, आशकार हैदर,महताब हैदर, अफसर हुसैन चिंटू, ऐनी हुसैन, मून रिजवी, तहज़ीब रिज़वी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
