टाटा स्टील : भाड़े पर क्वार्टर देनेवाले कर्मचारियों के खिलाफ होगी अब सख्ती से कार्रवाई
टाटा स्टील की जेसीएमएम की बैठक में प्रबंधन की दो टूक
घर बनाकर कर्मचारियों को देने पर होगा विचार
जमशेदपुर : टाटा स्टील की प्रबंधन और यूनियन की स्थानीय स्तर पर सर्वोच्च संयुक्त कमेटी जेसीएमएम की सोमवार को हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में सर्वप्रथम फ्लैट और लांग प्रोडक्ट के परफॉर्मेंस पर प्रेजेंटेशन दिया गया। इसके बाद सेफ्टी एंड फायर बिग्रेड जेडीसी की गतिविधियों को प्रेजेंटेशन के जरिए दिखाया गया।
बैठक में कंपनी के जर्जर क्वार्टरों को लेकर चर्चा शुरू हुई। यूनियन पदाधिकारियों ने प्रबंधन से आग्रह किया कि कंपनी फ्लैट बनाकर कर्मचारियों को दिया जाए। इसपर प्रबंधन की ओर से दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भाड़े पर क्वार्टर देनेवाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि घर बनाकर देने के मुद्दे पर विचार करने का आश्वासन दिया। बैठक में टीएमएच में दवा की उपलब्धता को लेकर सवाल उठा। यूनियन पदाधिकारियों ने बैठक में कहा कि टीएमएच में डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा लेने के लिए जब काउंटर पर जाया जाता है तो वहां कुछ दवा देते हैं और कुछ दवा नहीं होने की बात कर दूसरे डिस्पेंसरी में जाकर लेने के लिए कहा जाता है। इससे मरीजों को परेशानी होती है।
प्रबंधन ने इसमें सुधार करने का आश्वासन दिया। कंपनी 26 अक्टूबर से महिला कर्मचारियों के लिए तीनों पालियों में ड्यूटी शुरू होने की बात पर यूनियन ने प्रबंधन से उनके सेफ्टी समेत सभी सुविधाओं को सुनिश्चित कर लेने का आग्रह किया। इसपर प्रबंधन की ओर से कहा गया कि जमशेदपुर महिला सुरक्षा की दृष्टिकोण से सबसे सुरक्षित शहर है। इसके बावजूद प्रबंधन महिला कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर काफी चौकस और गंभीर है। इसके अलावा भी कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कंपनी के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट सर्विसेस) डीबी सुंदरा रामम ने की। बैठक में सीपीओ आत्रेई सान्याल, जुबिन पालिया आदि और यूनियन की ओर से संजीव चौधरी, सतीश सिंह, कोषाध्यक्ष आमोद दुबे, डिप्टी प्रेसीडेंट शैलेश सिंह, उपाध्यक्ष डॉ शाहनवाज आलम, संजय सिंह, संजीव तिवारी, राजीव चौधरी, नितेश राज, अजय चौधरी, श्याम बाबू आदि शामिल हुए।
