पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने हेमन्त सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
रांची : राँची के नगड़ी में रिम्स-2 की प्रस्तावित जमीन के मुद्दे पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने झारखंड सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आखिर क्या गुनाह है नगड़ी की जनता का। किस नियम के तहत उनकी खेतीहर जमीन का अधिग्रहण कर वहां जबरन रिम्स- 2 बनाने की कोशिश हो रही है। सरकार किसानों को भूमिहीन नही कर सकती है।
नगड़ी के सैकड़ो परिवार आज भयभीत हैं। खेती नही कर पा रहे हैं। क्या नगड़ी गाँव मे पैदा होना ही किसानों के लिए गुनाह है। मुआवजा तक नहीं दिया गया और जमीन छीन लिया गया। आखिर कब अधिग्रहण हुआ था, सार्वजनिक करे सरकार।
राँची के स्मार्ट सिटी में सैकड़ एकड़ जमीन खाली है। वहाँ क्यो नही रिम्स – 2 बनाने को तैयार है सरकार। हम रिम्स- 2 का विरोध नही कर रहे। विरोध है कि उस खेतिहर जमीन पर ही क्यों। जिस पर सैकड़ो सालो से नगड़ी गाँव के लोग खेती करते आ रहे हैं। आज नगड़ी गाँव के लोग राज्य सरकार की तानाशाही के बाद सड़क पर आ गए हैं। लगातार विरोध हो रहा है ,फिर भी जबरन फ़ोर्स लगा कर बाउंड्री करवा दिया गया।
बोकारो जिला में एक रेपिस्ट को सम्मान दिया गया, जिसने आदिवासी महिला के द्वारा दरिंदगी की थी। क्यों इसी दिन के लिए हमारे आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना बलिदान दिया था। आज आदिवासी समाज की आस्मिता पर प्रहार किया जा रहा है।
चंपाई सोरेन कोई राजनीतिक बातें नही करता है, न ही बीजेपी के दबाव में बोलता है, हां यह सच है कि बीजेपी में मुझे बोलने का अधिकार दिया है। जहाँ मुझे डेमोग्राफी बदलने और आदिवासी आस्मिता पर बोलने का अधिकार दिया है ।

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