गोला क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर हुई घटनाओं से दहशत
मुख्य बिंदु:
- मुरपा और बंदा में तीन लोगों की दर्दनाक मौत
- ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया
- प्रशासन ने मुआवजा और सतर्कता की अपील की
जमशेदपुर – रामगढ़ के गोला क्षेत्र में हाथियों के हमले में तीन लोगों की मौत से भय और आक्रोश फैल गया।
मुरपा गांव में एक वृद्ध महुआ चुनने जा रहे थे। तभी हाथियों ने उन्हें कुचल दिया।
इसके बाद झुंड बंदा गांव की ओर बढ़ा। वहां दो मजदूरों पर हमला हुआ।
दोनों मजदूर शौच के लिए बाहर निकले थे। हमले में दोनों की मौके पर मौत हो गई।
मृतकों की पहचान श्याम देव साव, युगल भुईया और धीरज भुईया हुई। प्रशासन ने पुष्टि की।
घटना के बाद गांवों में दहशत फैल गई। लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं।
हालांकि वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंचे। टीम ने स्थिति का जायजा लिया।
इसके साथ ही शवों की पहचान प्रक्रिया पूरी की गई। आगे की कार्रवाई जारी है।
ग्रामीणों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सूचना प्रणाली को कमजोर बताया।
उनका कहना है कि पहले चेतावनी नहीं दी जाती। इससे जान का खतरा बढ़ता है।
इसके अलावा हाथियों को जंगल में खदेड़ने में भी विफलता बताई गई। लोग नाराज दिखे।
वहीं वन क्षेत्र पदाधिकारी ने बयान दिया। उन्होंने अचानक मूवमेंट की बात कही।
उन्होंने बताया कि हाथी दूसरे जिले में थे। लेकिन अचानक इस क्षेत्र में पहुंचे।
साथ ही सरकार मुआवजा देगी। मृतकों के परिवारों को सहायता मिलेगी।
फिलहाल अधिकारी क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

