लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ भड़का विपक्ष, सचिवालय को सौंपा गया 100 सांसदों का हस्ताक्षर युक्त प्रस्ताव
नई दिल्ली : संसद में राहुल गांधी को ‘बोलने की इजाजत नहीं देने’ वाला मामला तूल पकड़ने लगा। विपक्ष के 100 सांसदों ने लोकसभा सचिवालय को हस्ताक्षर युक्त प्रस्ताव सौंप दिया है। संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंपा गया है। ओम बिरला अब विपक्ष के निशाने पर हैं।
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ‘बोलने की इजाजत नहीं देने’ वाला मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसके अलावा कांग्रेस की महिला सांसदों पर सदन में अनुचित स्थिति पैदा करने का आरोप भी है, जिससे विपक्ष भड़का हुआ है। विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्षी सांसदों को बोलने नहीं दिया जा रहा है जबकि सत्तापक्ष को कुछ भी बोलने की पूरी छूट है।
तृणमूल सांसदों ने नहीं किए हस्ताक्षर
निचले सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सांसद मोहम्मद जावेद तथा अन्य ने लोकसभा सचिवालय को यह नोटिस सौंपा। नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के 100 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
क्या है आरोप
विगत दो फरवरी को, राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा मामला उठाने की अनुमति नहीं मिलने, सदन की अवमानना में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने तथा अन्य मुद्दों पर सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। इस मामले को लेकर पिछले एक सप्ताह से विपक्ष की तैयारी चल रही थी। उनका आरोप है कि बार-बार विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है जबकि सत्ता पक्ष के लोगों को कुछ भी बोलने की पूरी छूट है।
